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आग अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर स्थित ट्रांसफॉर्मर रूम और इलेक्ट्रिक चेंजिंग रूम के बीच स्थित मीटर रूम में लगी, जिससे पूरे अस्पताल की बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी।
कोलकाता। कोलकाता के बड़ाबाजार रविन्द्र सारणी स्थित मारवाड़ी रिलीफ सोसाइटी अस्पताल में सोमवार दोपहर अचानक आग लग गई, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। आग अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर स्थित ट्रांसफॉर्मर रूम और इलेक्ट्रिक चेंजिंग रूम के बीच स्थित मीटर रूम में लगी, जिससे पूरे अस्पताल की बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी।
आग से सबसे ज़्यादा मैटरनिटी वार्ड प्रभावित हुआ है। आग की खबर मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाडिय़ाँ तुरंत मौके पर पहुंचीं। हालांकि अस्पताल में मौजूद फायर फाइटिंग के जरिये अस्पताल के कर्मचारियों ने युद्धस्तर पर आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। अस्पताल कर्मचारी और दमकल की कोशिश से महज 40 मिनटों में ही आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, तब तक अस्पताल की बिजली काट दी गई थी जिससे मरीजों और उनके परिजनों में भय और अव्यवस्था का माहौल बन गया। चूंकि आग मीटर रूम में लगी थी, इसलिए सुरक्षा कारणों से अस्पताल की पूरी बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इससे अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी और घबराहट का माहौल बन गया।
कई वार्डों में अंधेरा छा गया और जीवन रक्षक उपकरणों पर काम कर रहे मरीजों के लिए स्थिति चिंताजनक हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल के अध्यक्ष गोविंद राम अग्रवाल, महासचिव प्रह्लाद राय गोयनका, पार्षद विजय उपाध्याय, वार्ड 23 के पार्षद विजय ओझा, पार्षद राजेश सिन्हा और विधायक विवेक गुप्ता भी तुरंत अस्पताल पहुंचे।
विजय उपाध्याय ने कहा, सबसे बड़ी चिंता बिजली को लेकर है। यहां कई गंभीर मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज बिना बिजली के संभव नहीं है। उन्हें तुरंत अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित करना जरूरी है। वहीं अस्पताल के प्रबंधक प्रदीप शर्मा ने बताया कि जब सीईएसई अधिकारियों ने बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल करने में असमर्थता जताई, तो अस्पताल प्रबंधन ने आपात कदम उठाते हुए 18 गंभीर मरीजों को विशुद्धानंद सरस्वती अस्पताल (अमहस्र्ट स्ट्रीट), आरबीएस नर्सिंग होम और विशुद्धानंद बड़ाबाजार अस्पताल में शिफ्ट किया। वहीं सामान्य मरीजों को उनके परिजनों ने अस्पताल से छुट्टी लेकर घर ले जाना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्पताल के चौथे और पांचवे तल्ले पर स्थित मेल और फीमेल वार्ड में अस्पताल के दूसरे बिल्डिंग से बिजली लेकर व जनरेटर की सहायता से काम चलाया जा रहा है। फिलहाल नये रोगियों की भर्ती भी नहीं की जायेगी।
मेयर और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि अब फायर सेफ्टी को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर फायर सेफ्टी स्टेट कमिटी एक एसओपी तैयार कर रही है, जिसमें अस्पतालों, स्कूलों और शॉपिंग मॉल्स को शामिल किया जाएगा। मेयर ने कहा कि इस एसओपी के तहत फायर ऑडिट और नियमित फायर ड्रिल को अनिवार्य किया जाएगा। हम चाहते हैं कि हर संस्थान आग से निपटने के लिए पहले से तैयार रहे।