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सरकारी खर्च पर लगाम: नवान्न ने घटाई विभागीय परियोजनाओं के लिए वित्तीय मंजूरी की सीमा

नई दिशा-निर्देशों के अनुसार, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, और शहरी विकास जैसे बड़े विभाग अब अधिकतम तीन करोड़ तक की परियोजनाओं को ही स्वीकृति दे सकेंगे। पहले यह सीमा पांच करोड़ थी, यानी दो करोड़ की सीधी कटौती की गई है।

10 Jul 2025

सरकारी खर्च पर लगाम: नवान्न ने घटाई विभागीय परियोजनाओं के लिए वित्तीय मंजूरी की सीमा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के वित्तीय दबाव को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों की परियोजनाओं पर खर्च की अधिकतम मंजूरी सीमा में कटौती का निर्णय लिया है। विधानसभा चुनाव से पहले यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोमवार को नवान्न की ओर से जारी नई अधिसूचना में 2023 की पुरानी अधिसूचना को संशोधित करते हुए विभागवार अधिकतम वित्तीय स्वीकृति की नई सीमाएं तय की गई हैं।

नई दिशा-निर्देशों के अनुसार, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, और शहरी विकास जैसे बड़े विभाग अब अधिकतम तीन करोड़ तक की परियोजनाओं को ही स्वीकृति दे सकेंगे। पहले यह सीमा पांच करोड़ थी, यानी दो करोड़ की सीधी कटौती की गई है।

उत्तरबंग विकास, सुंदरबन विकास और पश्चिमांचल विकास विभागों के लिए यह सीमा एक करोड़ तय की गई है, जबकि पहले यह तीन करोड़ थी। इसी तरह, आवास, एमएसएमई और सूचना एवं संस्कृति विभागों के लिए सीमा ₹75 लाख और अन्य छोटे विभागों के लिए ₹50 लाख तय की गई है। सभी मामलों में संबंधित विभाग के सलाहकार की मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है। यह निर्देश वित्त सचिव प्रभात कुमार मिश्रा के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।

राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ विभाग बिना राज्य कोष की स्थिति पर ध्यान दिए अत्यधिक खर्च कर रहे थे, और परियोजनाओं की समीक्षा भी पर्याप्त रूप से नहीं की जा रही थी। इसी पृष्ठभूमि में यह निर्णय लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि 100 दिनों के काम, प्रधानमंत्री आवास योजना और सड़क निर्माण जैसी कई केंद्रीय योजनाओं में केंद्र द्वारा फंडिंग रोके जाने के बाद राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से इन्हें जारी रखा है। इसके अतिरिक्त लक्ष्मी भंडार, कन्याश्री और स्वास्थ्य साथी जैसी राज्य की कल्याणकारी योजनाओं से कोष पर अतिरिक्त भार पड़ा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कई बार सार्वजनिक मंचों पर राज्य के वित्तीय संकट की बात कह चुकी हैं।

इस बीच, गुरुवार को झारखंड की राजधानी रांची में पूर्वांचल परिषद की बैठक आयोजित हो रही है जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य भाग ले रही हैं। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कर रहे हैं। बैठक में तटीय और आंतरिक सुरक्षा, केंद्र-राज्य समन्वय और केंद्रीय योजनाओं की स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी है। माना जा रहा है कि चंद्रिमा इस अवसर पर राज्य के बकाये और केंद्र की कटौती के मुद्दे पर भी अपनी बात रख सकती हैं।

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