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सीबीआई की कार्यशैली से बेहद नाखुश हैं आरजी कर पीड़िता के माता-पिता, बेटी के न्याय के लिए नहीं मिल रही मदद

सीबीआई की कार्यशैली से बेहद नाखुश हैं आरजी कर पीड़िता के माता-पिता, बेटी के न्याय के लिए नहीं मिल रही मदद
 

17 Jul 2025

सीबीआई की कार्यशैली से बेहद नाखुश हैं आरजी कर पीड़िता के माता-पिता, बेटी के न्याय के लिए नहीं मिल रही मदद

राज्य संचालित आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक जूनियर महिला डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच को लेकर पीड़िता के माता-पिता ने गहरी असंतोष और शंका जताई है। परिवार के करीबी सूत्र ने बताया है कि माता-पिता की ओर से निचली अदालत में एक आवेदन देकर ये आशंका जताई गई है कि जांच एजेंसी निष्पक्ष ढंग से काम नहीं कर रही है।

पीड़िता के परिजनों के वकील ने अदालत में कहा कि सीबीआई जांच की निगरानी कर रही अतिरिक्त निदेशक सम्पत मीणा और पश्चिम बंगाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विनीत कुमार गोयल दोनों ही 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। चूंकि दोनों एक ही बैच से हैं और प्रशिक्षण के दौरान साथ रहे हैं, ऐसे में यह संदेह है कि सीबीआई अधिकारी अपने बैचमेट के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई करने से हिचक सकते हैं।

गौरतलब है कि जब नौ अगस्त 2024 को यह भयावह अपराध हुआ था, उस समय विनीत गोयल कोलकाता पुलिस के आयुक्त थे और प्रारंभिक जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा उन्हीं के नेतृत्व में शुरू की गई थी। लेकिन इस मामले में व्यापक जनाक्रोश के बाद उन्हें पुलिस आयुक्त के पद से हटा दिया गया। इसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई।

सीबीआई की तरफ से जवाब में कहा गया कि सिर्फ किसी के बैचमेट होने से किसी अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। एजेंसी के वकील ने कहा कि विनीत गोयल के खिलाफ साजिश में संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला है, इसीलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

इससे पहले इसी मामले में अदालत ने जनवरी महीने में एक नागरिक स्वयंसेवक संजय राय को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उसे बलात्कार और हत्या का एकमात्र दोषी माना गया था। हालांकि अब सीबीआई इस मामले में गहराई से जांच कर रही है कि क्या अपराध के पीछे कोई व्यापक साजिश थी, खासकर कोलकाता पुलिस की शुरुआती जांच के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ और हेरफेर को लेकर।

पीड़िता के माता-पिता का मानना है कि अगर सीबीआई ने इस मामले में निष्पक्ष और निर्भीक जांच नहीं की, तो उन्हें न्याय मिलना मुश्किल होगा। अदालत में उनकी ओर से उठाए गए सवाल सीबीआई की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर चिंताओं की ओर इशारा करते हैं।

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