बार बार बदलता था अड्डा, बांसती से साइबर थाने ने किया गिरफ्तार
कोलकाता। कोलकाता पुलिस की साइबर टीम ने गुरुवार रात दक्षिण 24 परगना के हाटगाछा इलाके में एक बड़ी कार्रवाई कर जिस अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया हैं। ये कई आम कॉल सेंटर नहीं बल्कि साइबर ठगी, डिजिटल अरैस्ट जैसे अपराधों का बड़ा अड्डा था जिसका सरगना कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि इस अंडरवल्र्ड का 'बेताज बादशाहÓ है वदुद अहमद।
सूत्रों के मुताबिक वदुद पिछले कई वर्षों से कॉल सेंटर की आड़ में देश और विदेशों में ठगी का जाल बुन रहा था। हजारों करोड़ रुपये के इस घोटाले का मास्टरमाइंड वही है। उसके नेटवर्क की जड़ें न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों तक फैली हुई हैं और अब तक उसने हजारों करोड़ रूपये के ठगी के वारदात को अंजाम दे चूंका हैं।
बताया जाता हैं कि जब से कॉल सेंटर स्कैम की शुरूआत हुई हैं तब से ही वदुद इस अपराध से जुड़ा हुआ हैं और इसी अपराध के दुनिया से उसने हजारों करोड़ रूपये का अम्पायर खड़ा कर दिया। कोलकाता पुलिस की साइबर थाने की टीम ने गुरुवार देर रात हाटगाछा इलाके में एक अवैध कॉल सेंटर पर बड़ी कार्रवाई की। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर चलाए गए इस संयुक्त अभियान में पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें गिरोह का सरगना वदुद अहमद और उसका खास सहयोगी मजीद भी शामिल हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 24 मोबाइल फोन, 22 कंप्यूटर हार्डडिस्क, 2 राउटर, 6 हेडसेट और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। बरामद दस्तावेजों में कस्टमर डेटा, कॉल लीड्स, स्क्रीनशॉट्स, डायलर सॉफ्टवेयर और रिमोट एक्सेस से जुड़ी जानकारियाँ शामिल हैं। पुलिस को संदेह है कि इस कॉल सेंटर के जरिए देशभर के नागरिकों के साथ बड़े पैमाने पर ऑनलाइन ठगी की जाती थी।
सूत्रों की माने तो दो दिन पहले ही करया इलाके में भी छापेमारी कर एक कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था और वहाँ से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के बाद ही पुलिस को वदुद का सुराग हाथ लगा और फिर केएलसी थाना, साइबर पुलिस की टीम और लालबाजार की गुंडा दमन शाखा ने संयुक्त रूप से पुलिस की टीम यह सफल छापेमारी की। फिलहाल इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है, इसकी गहन जांच की जा रही है।
पुलिस ने कॉल सेंटर को सील कर दिया है और यह पता लगाने में जुटी है कि यहां किस तरह की आपराधिक गतिविधियाँ चलाई जा रही थीं। बताया जा रहा है कि वदुद ने अपने सहयोगी माजिद की मदद से इस अवैध धंधे को तेजी से फैलाया और खुद को हजारों करोड़ का मालिक बना लिया। वदुद अब तक दर्जनों बार अपने ठिकाने बदल चुका है ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सके, लेकिन इस बार कोलकाता पुलिस की कार्रवाई से उसका गिरोह बेनकाब हो गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वदुद के नेटवर्क से जुड़े कई और चेहरे जल्द सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां अब इस साइबर गिरोह की पूरी जड़ें उखाडऩे की तैयारी में हैं।