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'मोदी की रैली 4 दिन में 28 लाख, ममता की सभा 23 घंटे में 77 लाख व्यू'
कोलकाता। 21 जुलाई की धर्मतला रैली की अभूतपूर्व भीड़ से उत्साहित तृणमूल, अब सोशल मीडिया पर व्यूज़ वॉर में भी खुद को मजबूत साबित करने में जुट गई है। पार्टी की आईटी सेल ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना में ममता बनर्जी की रैली को अधिक डिजिटल व्यूज़ मिलने का दावा किया है।
तृणमूल आईटी सेल के प्रभारी देबांशु भट्टाचार्य के मुताबिक मोदी की दुर्गापुर रैली के व्यूज़ (4 दिन में): भाजपा बंगाल पेज से: 6.5 लाख, नरेंद्र मोदी के पेज से: 22 लाख यानी कुल: 28.5 लाख व्यू (96 घंटों में), यानी प्रति मिनट 486 व्यू। वही तृणमूल की 21 जुलाई की सभा (23 घंटों में): तृणमूल कांग्रेस पेज से: 40 लाख, ममता बनर्जी के पेज से: 37 लाख यानी कुल: 77 लाख व्यू (23 घंटों में)। ममता बनर्जी के फेसबुक पेज पर 53 लाख फॉलोअर हैं (जिन्हें पार्टी ने पूरी तरह ऑर्गेनिक बताया)। उनमें से 23 घंटों में 70' फॉलोअर्स ने लाइव संबोधन देखा। दूसरी ओर, मोदी के पेज पर 5 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स होने के बावजूद, केवल 4.4' लोगों ने उनकी रैली का लाइव वीडियो देखा। भाजपा का आईटी बजट हजारों करोड़ में है, वहीं तृणमूल का सोशल मीडिया अभियान स्व-प्रेरित कार्यकर्ताओं द्वारा चलाया जाता है, जिसे पार्टी बस समन्वय करती है।
देबांशु भट्टाचार्य का कहना हैं कि हमारा सोशल मीडिया मॉडल ऑर्गेनिक है, जमीनी कार्यकर्ताओं से जुड़ा हुआ है। व्यूज़ ही सबूत हैं कि लोग किसे सुनना चाहते हैं। वही भाजपा ने तृणमूल के दावे को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा के सोशल मीडिया फॉलोअर और डिजिटल पहुंच तृणमूल से कहीं अधिक है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का नेटवर्क बहुत व्यापक है और तृणमूल की तुलना में उनका डिजिटल प्रभाव कहीं बड़ा और सशक्त है। जमीनी राजनीति के साथ-साथ अब सोशल मीडिया पर भी 'वर्चुअल भीड़Ó दिखाने की होड़ तेज़ हो गई है। धर्मतला की भीड़ के बाद अब फेसबुक के आंकड़े लेकर तृणमूल मोदी और भाजपा को सोशल फ्रंट पर चुनौती देने का दावा कर रही है। आने वाले विधानसभा चुनाव में यह सोशल मीडिया जंग और भी तीखी होने की संभावना है।