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4 एनएस रोड से हेरिटेज के नाम पर 25 हॉकर हटाए जाने पर गरमाई राजनीति
कोलकाता। कोलकाता नगर निगम के मासिक अधिवेशन में शुक्रवार को उस समय माहौल गर्म हो गया जब वार्ड 45 के पार्षद संतोष पाठक ने 4 नंबर नेटाजी सुभाष रोड (एनएस रोड) से 25 हॉकरों को हटाए जाने का मुद्दा सदन में उठाया। पार्षद ने इस कार्रवाई को तरफा और भेदभावपूर्ण बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।संतोष पाठक ने कहा कि हटाए गए हॉकर पिछले चार दशकों से उसी स्थान पर व्यवसाय कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह कहना कि वे हेरिटेज बिल्डिंग के सामने हैं, इसलिए उन्हें हटाया जा रहा है एक बहाना है। पूरा डलहौसी क्षेत्र हेरिटेज घोषित है। अगर नियम समान हैं, तो पूरे क्षेत्र में समान कार्रवाई क्यों नहीं होती? केवल एक खास स्थान को टार्गेट करना साजिश है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नगर निगम हेरिटेज संरक्षण के नाम पर गरीबों की आजीविका छीन रहा है? इस आरोप पर जवाब देते हुए नगर निगम के एमआईसी देवाशीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कोलकाता की हेरिटेज इमारतें हमारी ऐतिहासिक धरोहर हैं। इनके सामने दुकान लगाना न सिर्फ सौंदर्य और संरचना को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि कानून के भी खिलाफ है। फुटपाथ, आम नागरिकों की आवाजाही के लिए है न कि व्यवसाय के लिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निगम फुटपाथ पर किसी भी हॉकर को लीज या किराए का अधिकार नहीं देगा। साथ ही, यदि किसी वैध वेंडर को समस्या है, तो नगर निगम पुनर्व्यवस्था में उसकी मदद करेगा। देवाशीष कुमार ने सदन को जानकारी दी कि कोलकाता में लगभग 54,000 हॉकर वैध रूप से पंजीकृत हैं, जिनकी पहचान वेंडर पॉलिसी के तहत हुई है। इनके अतिरिक्त जो भी फुटपाथों पर व्यवसाय कर रहे हैं, वे सभी अवैध की श्रेणी में आते हैं। समय-समय पर अवैध हॉकरों के खिलाफ अभियान चलाया गया है, और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। कोलकाता में यह विवाद कोई नया नहीं है।
यह हेरिटेज संरक्षण बनाम फुटपाथ व्यापारियों की आजीविका का वही पुराना टकराव है, जो वर्षों से चलता आ रहा है। कोलकाता के मध्य क्षेत्र विशेषकर डलहौसी, बाउबाजार, बड़ाबाजार, एस्प्लेनेड और नॉर्थ कोलकाता — ऐसे इलाके हैं जहां सैकड़ों हेरिटेज इमारतें हैं और उसी के सामने हजारों हॉकर बैठते हैं। शहर की पहचान और विरासत को बनाए रखने के लिए इन इमारतों के संरक्षण की आवश्यकता है, लेकिन साथ ही यह भी सच्चाई है कि हॉकरों की आजीविका इन्हीं फुटपाथों से जुड़ी हुई है।