सड़क पर झगड़े, दुर्घटनाएं या किसी भी विवाद की स्थिति में कैमरे का फुटेज जांच में बड़ी भूमिका निभा सकता है
कोलकाता। कोलकाता पुलिस अब ट्रैफिक गाडिय़ों में डैश कैमरे यानी गाड़ी के शीशे पर लगने वाले कैमरे लगाने जा रही है। इस व्यवस्था की शुरुआत बुधवार से की गई है। इन कैमरों का मकसद है कि गश्त के दौरान सड़क की गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड रखा जा सके। इससे यह भी साफ होगा कि अधिकारी अपनी ड्यूटी के समय सड़क पर मौजूद हैं और गश्त सही ढंग से कर रहे हैं या नहीं।
पुलिस मुख्यालय लालबाजार के वरिष्ठ अधिकारी किसी भी समय कैमरे का फुटेज देखकर निगरानी कर सकेंगे। शुरुआत में ट्रैफिक गार्ड के ओसी (ऑफिसर-इन-चार्ज), एसी (असिस्टेंट कमिश्नर) और अन्य अधिकारियों की गाडिय़ों में यह कैमरे लगाए जा रहे हैं।
आने वाले दिनों में सभी ट्रैफिक गार्ड की गाडिय़ों में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। हर शिफ्ट से पहले यह जांच करनी होगी कि कैमरे की मेमोरी कार्ड में पर्याप्त जगह हो और कैमरे की घड़ी सही समय दिखा रही हो। ड्यूटी खत्म होने के बाद दिनभर का फुटेज ट्रैफिक गार्ड या विभाग के हार्ड डिस्क में सुरक्षित रखना होगा। फुटेज कितने समय तक सुरक्षित रहेगा, यह फिलहाल तय नहीं किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि अब सब कुछ रिकॉर्ड हो रहा है, इसलिए डैश कैमरे गश्त की पारदर्शिता और सबूत इक_ा करने का असरदार तरीका होंगे। सड़क पर झगड़े, दुर्घटनाएं या किसी भी विवाद की स्थिति में कैमरे का फुटेज जांच में बड़ी भूमिका निभा सकता है।