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एक बॉडी बिल्डर तो दूसरा दिखने में मासूस, सामने आई दरिंदों की तस्वीर
कोलकाता। गैंगरेप केस में दोनों दरिदों की तस्वीरें सामने आ गई हैं। एक आरोपी देखने में बॉडी बिल्डर टाइप लग रहा है जबकि दूसरा शख्स तो एक दम मासूम नजर आ रहा है। कोलकाता पुलिस का दावा है कि यह युवक युवती को जबरन घर से उठाकर ले ग और फिर गैंग-रेप का शिकार बनाया।
कोलकाता दक्षिणी के हरिदेवपुर में हुई गैंगरेप की घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। 20 वर्षीय युवती के साथ उसके ही परिचित दो युवकों ने हैवानियत की। आरोपियों की तस्वीरें सामने आ चुकी हैं, जिससे उनकी पहचान और भी साफ हो गई है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी चंदन मलिक इलाके में एक आक्रामक और बदनाम तत्व के रूप में जाना जाता है। वह स्थानीय पूजा समिति से जुड़ा हुआ है और उसका आपराधिक बैकग्राउंड भी है। चंदन के साथ उसका दोस्त देबांशु बिस्वास भी वारदात में शामिल था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीडि़ता हरीदेवपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। कुछ महीने पहले उसकी जान-पहचान चंदन मलिक नामक युवक से हुई थी, जिसने खुद को दक्षिण कोलकाता की एक बड़ी पूजा समिति का पदाधिकारी बताया था। इसी बहाने उसकी मुलाकात दीप नाम के एक और युवक से कराई गई। दोनों ने युवती से कहा कि वे उसे पूजा समिति से जुड़वाएंगे और लगातार संपर्क में रहने लगे। 5 सितंबर, शुक्रवार को युवती का जन्मदिन था। इसी बहाने चंदन और दीप उसे रीजेंट पार्क इलाके के एक फ्लैट में ले गए। वहां खाने-पीने के बाद जब पीडि़ता घर लौटना चाहती थी, तो आरोप है कि दोनों ने उसे रोका और कमरे का दरवाज़ा बंद कर सामूहिक दुष्कर्म किया। किसी तरह घर लौटने के बाद पीडि़ता ने परिवार को पूरी घटना बताई। शनिवार देर रात पीडि़ता ने हरीदेवपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने तुरंत मेडिकल परीक्षण कराया और अपराध स्थल का मुआयना भी शुरू कर दिया। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस ने चंदन मलिक और देबांशु बिस्वास की तस्वीरें सार्वजनिक कर दी हैं, ताकि लोग उन्हें पहचान सकें और सुराग मिल सके। स्थानीय लोग बताते हैं कि चंदन मलिक लंबे समय से अपने दबंग रवैये और बदतमीजी के लिए कुख्यात रहा है। पूजा समिति से जुड़े होने के कारण इलाके में उसकी पकड़ बनी हुई थी। अब उस पर लगे इस संगीन आरोप ने लोगों में गुस्सा और आक्रोश फैला दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से चल रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, पीडि़ता और उसका परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है। यह घटना न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है बल्कि यह भी बताती है कि समाज में मौजूद ऐसे असामाजिक तत्व कितने खतरनाक हो सकते हैं।