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मामला रद्द करने की अर्जी दाखिल
कोलकाता। कांग्रेस दफ़्तर में हुई तोडफ़ोड़ और आगजऩी मामले में गिरफ्तार भाजपा नेता राकेश सिंह को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। सोमवार को उन्हें शियालदह अदालत में पेश किया गया, जहाँ उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। अदालत ने राकेश को 18 सितंबर तक जेल हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। कुछ दिन पहले प्रदेश कांग्रेस दफ़्तर में तोडफ़ोड़ की गई थी।
आरोप है कि राकेश सिंह और उनके समर्थक ही इस घटना के पीछे थे। राहुल गांधी सहित कई कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें और पार्टी का झंडा जलाया गया। घटना के बाद कई लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, लेकिन राकेश लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा, लेकिन वे वहाँ नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने उनके बेटे शिवम सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया और कई बार उससे कड़ी पूछताछ की। कुछ दिनों तक राकेश फरार रहे और वीडियो संदेश जारी कर पुलिस को धमकी देने के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी हमला बोला। इसके दो दिन बाद ही उन्हें टांगरा इलाके के एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया।
सोमवार को शियालदह अदालत में पेशी के दौरान राकेश के वकील ने जमानत की गुहार लगाई लेकिन अदालत ने दलीलें ठुकराते हुए उनकी जमानत याचिका नामंज़ूर कर दी और उन्हें 18 सितंबर तक जेल हिरासत में भेज दिया हैं। इसी बीच राकेश सिंह ने एफआईआर रद्द कराने की याचिका दायर कर दी है। यह याचिका मंगलवार को जस्टिस जय सेनगुप्ता की बेंच में सुनी जाएगी। राजनीतिक हलकों में इस पूरे मामले को काफी गंभीर माना जा रहा है। एक ओर भाजपा नेता पर कांग्रेस दफ़्तर पर हमले का आरोप है, तो दूसरी ओर राकेश का फरार रहना और गिरफ्तारी से पहले वीडियो जारी कर पुलिस-सरकार को खुली चुनौती देना मामले को और विवादित बना चुका है।