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14 नवंबर से शुरु होगा ट्राफिक ब्लॉक
कोलकाता। कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन (कवि सुभाष से एयरपोर्ट तक) का काम, जो लंबे समय से चिंगरिघाटा इलाके में अटका था, अब गति पकड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार, कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश पर मेट्रो भवन में करीब पांच घंटे चली कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन (कवि सुभाष से एयरपोर्ट तक) का काम, जो चिंगरिघाटा इलाके में लंबे समय से अटका था, अब फिर से शुरू होने की संभावना है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर मेट्रो भवन में लगभग पांच घंटे चली बैठक के बाद इस काम को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। बैठक में कोलकाता नगर निगम, राज्य प्रशासन, कोलकाता पुलिस, विधाननगर पुलिस आयुक्तालय और रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के अधिकारी मौजूद थे। इनमें राज्य परिवहन विभाग के निदेशक दीपंकर मंडल, पुलिस के डिप्टी कमिश्नर प्रसेनजीत सोम, केएमसी रोड्स विभाग के डीजी सुकांत दास, केएमडीए रोड एंड ब्रिज विभाग के चीफ इंजीनियर संदीपन चक्रवर्ती, स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी की निदेशक जॉली चौधरी, कोलकाता मेट्रो रेल के सहायक कैनल मैनेजर सुमित सरकार, प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर अनुज मित्तल, आरवीएनएल के ईडी अमित टंडन, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश कुमार और अन्य अधिकारी शामिल थे। निर्णय लिया गया कि नवंबर के मध्य से चिंगरिघाटा मोड़ पर काम शुरू होगा। इसके लिए ट्रैफिक ब्लॉक केवल शुक्रवार, शनिवार और रविवार को लिया जाएगा। आरवीएनएल 14, 15, 16 नवंबर और उसके बाद 21, 22, 23 नवंबर को काम करेगी। न्यू गडिय़ा-एयरपोर्ट मेट्रो परियोजना का लगभग सारा काम पूरा हो चुका है। केवल 366 मीटर का हिस्सा चिंगरिघाटा में अटका हुआ है। पुलिस की मंजूरी न मिलने से फरवरी से काम रुका हुआ है। नतीजतन न्यू गडिय़ा से बेलघाटा तक मेट्रो सेवा शुरू तो हो गई है, लेकिन एयरपोर्ट तक सेवा चालू नहीं हो पाई है। रेल विकास निगम लिमिटेड की ओर से बताया गया है कि इस रूट पर केवल तीन पिलर का काम अधूरा है। इसके लिए सप्ताह के अंत में तीन दिनों तक शाम से रात तक लगभग 12 घंटे का काम करना होगा। इस दौरान चिंगरिघाटा इलाके में यातायात नियंत्रित करना आवश्यक होगा। हालांकि इस काम के लिए राज्य सरकार की ओर से अब तक अनुमति नहीं दी गई है।
इस मुद्दे पर कोलकाता हाईकोर्ट की जस्टिस स्मिता दास दे और जस्टिस सुजॉय पाल की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। स्थिति का समाधान निकालने के लिए हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को एक साथ बैठक करने की सलाह दी। इसके बाद ही अदालत के निर्देश के अनुसार बैठक की तारीख और स्थान तय कर सभी को सूचित किया गया।