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वही एक अन्य यात्री ने नाराजग़ी जताते हुए कहा कि सियालदह से सैक्टर–पांच तक रोज़ाना हज़ारों लोग मेट्रो पर निर्भर रहते हैं
कोलकाता। कोलकाता की नई ग्रीन लाइन मेट्रो, जो लोगों को तेज़ और आरामदायक सफऱ देने के लिये शुरू की गई थी, अब परेशानी का सबब बनती जा रही है। मात्र 24 घंटे के भीतर दूसरी बार इस रूट पर मेट्रो सेवा ठप हो गई। दुर्गापूजा से पहले शहर में ट्रैफिक जाम तो आम बात है, लेकिन इस बार वही तस्वीर मेट्रो सेवाओं में देखने को मिली। गुरुवार सुबह हावड़ा मैदान मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
तकनीकी खराबी के कारण हावड़ा मैदान से सेक्टर-5 तक मेट्रो सेवा बंद रही और लोगों को मजबूरी में बस, टैक्सी या बाइक टैक्सी का सहारा लेना पड़ा। सुबह करीब साढ़े 10 बजे हावड़ा मैदान मेट्रो स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों को सबसे पहले यह झटका लगा कि गेट डिस्प्ले बोर्ड पर अगली ट्रेन का समय ही नहीं दिख रहा था। नीचे उतरने पर पता चला कि बैग चेकिंग काउंटर और स्मार्ट गेट बंद हैं। भीड़ बढऩे लगी, पर किसी को जानकारी नहीं दी जा रही थी। तभी घोषणा हुई कि तकनीकी कारणों से हावड़ा मैदान से सेक्टर-5 तक मेट्रो सेवा बंद है। कई यात्रियों ने पहले ही टिकट खरीद लिए थे, उन्हें काउंटर पर जाकर रिफंड लेना पड़ा। जिनका स्मार्टकार्ड पंच हो चुका था, वे उसे अनब्लॉक कराने में जुट गए। इस बीच स्टेशन परिसर में भीड़ और गर्मी दोनों ही बढ़ती चली गईं। लोग झुंझलाते हुए कह रहे थे कि अगर रोज़ ऐसा होगा तो 11 मिनट में सियालदह पहुंचने का फायदा ही क्या?
मेट्रो सूत्रों के अनुसार, बिजली ट्रिप करने से सिग्नलिंग व्यवस्था गड़बड़ा गई और इसके चलते सैक्टर–पांच से हावड़ा की ओर जाने वाली तथा विपरीत दिशा से आने वाली ट्रेनें रुक गईं। सैक्टर–पांच से सियालदह तक आंशिक सेवा जारी रही, लेकिन सबसे ज़्यादा दिक्कत उन यात्रियों को हुई जिन्हें सियालदह से धर्मतल्ला या आगे हावड़ा तक जाना था। सुबह के व्यस्त ऑफिस समय में सेवा बाधित होने से यात्रियों को घंटों फँसना पड़ा। एक परेशान यात्री ने कहा कि यही डर था। रोज़ मेट्रो में किसी न किसी तरह की समस्या हो रही है। नई लाइन पर अभी तक सब ठीक था, लेकिन अब तो लगता है यह रोज़ की खबर बन जाएगी।
वही एक अन्य यात्री ने नाराजग़ी जताते हुए कहा कि सियालदह से सैक्टर–पांच तक रोज़ाना हज़ारों लोग मेट्रो पर निर्भर रहते हैं। अब अगर मेट्रो ही नहीं चलेगी तो शियालदह से सैक्टर पांच पहुँचने का दूसरा कोई आसान साधन नहीं है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि कोई यह भी नहीं बता रहा कि मेट्रो कब चलेगी।
दरअसल बुधवार को विश्वकर्मा पूजा के कारण सड़क पर वाहन अपेक्षाकृत कम थे। बुधवार को भी वही असर रहा। ऐसे में जब ऑफिस जाने का समय हुआ तो बस और ऑटो की संख्या कम मिली। ऊपर से मेट्रो बंद हो जाने के कारण स्थिति और बिगड़ गई।
इंजीनियरों की टीमें मौके पर काम कर रही हैं और मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि जल्द ही सेवा बहाल करने की कोशिश जारी है। लेकिन लगातार गड़बड़ी से यात्रियों का भरोसा टूटता जा रहा है। राहत देने के बजाय यह नई मेट्रो लाइन अब उनके लिये आफ़त बनती दिख रही है।