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पुलिस की कड़ी व्यवस्था, मेयर फिरहाद हकीम खुद कर रहे निगरानी
कोलकाता। विजयादशमी के अवसर पर कोलकाता का ऐतिहासिक बाबूघाट एक बार फिर श्रद्धालुओं और भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां सुबह से ही दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया है। शहर के विभिन्न पूजा समितियों की प्रतिमाएँ जुलूस के साथ घाट पर पहुँच रही हैं और मंत्रोच्चार के बीच गंगा में माता दुर्गा को विदाई दी जा रही है।कोलकाता नगर निगम ने इस मौके पर साफ़-सफ़ाई, रोशनी और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं। घाट पर कई पंडाल समितियों की एक साथ भीड़ को देखते हुए निगम कर्मी लगातार तैनात हैं। महानगर के घाटों पर हजारों प्रतिमाएं का विसर्जन प्रक्रिया दोपहर से ही शुरू हुई जो रविवार तक जारी रहेगा। इस वर्ष भी स्थिति अलग नहीं रही और प्रशासन ने विसर्जन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। कोलकाता नगर निगम और पुलिस की जानकारी के अनुसार शहर के पांच प्रमुख घाटों खिदिरपुर के दहिघाट, बाबुघाट, आहीरीटोला घाट, कुम्हारटोली और बाजेकदमतला घाट को विशेष निगरानी के दायरे में रखा गया है। बाबूघाट, बाजेकदमतला, निमतला और जाजेस घाट में सबसे अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन हर साल होता हैं इसीलिये इन घाटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही हैं। नगर निगम ने प्रत्येक घाट में क्रेन, अस्थायी प्रकाश व्यवस्था, लाइफबोट, आपदा प्रबंधन दल और कचरा प्रबंधन के इंतजाम किए हैं। बड़े पंडालों के अलावा छोटे बारोवारी या घरों के पंडालों की भी सुरक्षा और साफ-सफाई पर समान ध्यान दिया जा रहा है। छोटे तालाब या जलाशयों में प्रतिमाओं का विसर्जन करते समय दुर्घटना से बचाव के लिए स्थानीय प्रशासन और क्लब अधिकारियों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। मेयर फिऱहाद हकीम स्वयं बाबूघाट पर मौजूद रहकर सारी तैयारियों और सफाई अभियान की निगरानी कर रहे हैं। वे अधिकारियों के साथ घाट का दौरा कर व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। मेयर ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और गंगा की स्वच्छता हमारी प्राथमिकता है।
कोलकाता पुलिस ने विसर्जन शोभायात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष रूट मैप तैयार किया है। महानगर के 238 रूटों को निगरानी रूट के तौर पर चिन्हित किया गया है और इन पर अतिरिक्त पुलिस तैनात रहेगी। प्रत्येक घाट में आपदा प्रबंधन दल, नाविक, लाइफ सेविंग बोट और डुबरी मौजूद होंगे। इस वर्ष विजयादशमी पर लगभग पाँच हजार प्रतिमाओं के विसर्जन की संभावना है। सुरक्षा और शृंखला बनाए रखने के लिए हजारों पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात किया गया हैं। महानगर के 13 बड़े पंडालों में प्रतिमाओं पर लगे सोने-चांदी के आभूषण की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिसमें प्रत्येक पंडाल में दो राइफलधारी पुलिसकर्मी और कम से कम दो सीसीटीवी कैमरे मौजूद रहेंगे। पुलिस ने कहा कि यदि किसी भी विसर्जन शोभायात्रा में डीजे बजाने या अत्यधिक शोर की शिकायत आती है, तो तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पिछले वर्षों में इस तरह की घटनाओं के कारण कई बार परेशानी हुई, इसलिए इस बार कोई छूट नहीं दी जाएगी। शहर के प्रमुख मार्गों जैसे धर्मतला, शियालदह, बेलघाटा, खिदिरपुर, बालीगंज और हावड़ा के आसपास के मार्ग पर गुरुवार शाम से मध्य रात तक वाहनों का संचालन नियंत्रित रहेगा। भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी और वैकल्पिक रूट पहले से जनता को बताया गया है। सभी घाटों में सीसीटीवी कैमरे, हाई मास्ट लाइट्स और पुलिस, निगमकर्मी तथा स्वयंसेवक दल तैनात रहेंगे, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और दुर्घटना की संभावना न्यूनतम रहे। कोलकाता नगर निगम और पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से विसर्जन संपन्न करें, अनावश्यक भीड़ न जमा करें और शोभायात्राओं में शांति बनाए रखें। नदी या तालाब में प्लास्टिक और हानिकारक वस्तुओं का प्रयोग न करें। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य इस दिन सुरक्षित और व्यवस्थित विसर्जन सुनिश्चित करना है, ताकि दुर्गा विदाई के पलों में सभी भक्त निश्चिंत होकर शामिल हो सकें।