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मोबाइल लिंक के जरिये 3 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अब भी फरार
कोलकाता। दुर्गापुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की पढ़ाई कर रही छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप ने पूरे राज्य ही नहीं, देशभर में सनसनी फैला दी है। इस जघन्य अपराध में पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने मोबाइल टॉवर लोकेशन के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुल पांच संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है, जिनकी तस्वीरें पुलिस के पास हैं। इनमें से तीन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अब भी फरार हैं। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अपू बाउरी, शेख फिरदौस और शेख रियाज़ुद्दीन के रूप में हुई हैं। इस मामले का मुख्य आरोपी शफीकुल शेख फिलहाल फरार हैं जबकि शेख नसीरुद्दीन उर्फ सम्राट को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों का घर बिजरा बाउरीपारा और डांगापारा इलाके में हैं। पीडि़ता का मोबाइल फोन गिरफ्तार लोगों के पास से मिला है।
दरअसल शुक्रवार को पीडि़ता के एक सहपाठी को हिरासत में लिया गया था, जिसकी भूमिका को लेकर भी कई तरह के संदेह उठे हैं। हालांकि, उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस आयुक्त ने पीडि़ता के पिता और उस सहपाठी से बातचीत की। जांच में सामने आया कि घटना के दिन पीडि़ता अपने सहपाठी के साथ बाहर गई थी। तभी तीन लोग आए और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद दो और लोग वहां पहुंचे और उन्होंने पूछा कि क्या हुआ था। पीडि़ता ने उन्हें बताया कि उसका फोन छीन लिया गया है। बाद में उन्हीं दो में से एक के मोबाइल से पीडि़ता ने अपने नंबर पर कॉल किया, और यही कॉल नंबर पुलिस के लिए सुराग बना। उस मोबाइल के उपयोगकर्ता तक पहुंचकर पुलिस ने पहले उससे पूछताछ की, फिर उसी की मदद से बाकी तीन आरोपियों की पहचान की। रविवार सुबह तीन गिरफ्तारियां हुईं, जबकि सहपाठी और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि बाकी फरार आरोपी भी जल्द गिरफ्तार होंगे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिस इलाके में यह घटना हुई है, वह घने जंगल से घिरा इलाका है वहाँ न पक्की सड़क है, न सीसीटीवी कैमरा। कार से एक निश्चित जगह तक ही जाया जा सकता है उसके बाद केवल साइकिल या बाइक से ही अंदर प्रवेश संभव है।
पुलिस ने जंगल के भीतर सफेद कपड़ों में टीमें भेजी हैं और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। इस बीच, पीडि़ता का गोपनीय बयान भी कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बयान और मोबाइल डेटा के आधार पर पूरे अपराध चक्र की कडिय़ाँ जोडऩे में जुटी है।