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सभी जाली नंबर प्लेट और नंबर प्लेट बनाने की मशीन को कानूनी औपचारिकताओं के बाद जब्त कर लिया गया है
कोलकाता। कसबा पुलिस स्टेशन में दिनांक 16.10.2025 को सार्जेंट सौविक बिस्वास की शिकायत के आधार पर कसबा पी.एस. केस संख्या 476 विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया, जिसमें फर्जी और जाली वाहन नंबर प्लेट के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। इस कार्रवाई में कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शिकायतकर्ता, कसबा ट्रैफिक गार्ड के सार्जेंट सौविक बिस्वास ने बताया कि 16 अक्टूबर को उन्होंने डीपीएस जूनियर रूबी पार्क के पास एक स्कूटी को रोका, जिसका नंबर प्लेट डब्ल्यूबी05सी 1317 था। जांच में पता चला कि यह नंबर प्लेट फर्जी और जाली थी, क्योंकि यह नंबर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत था। सार्जेंट ने बताया कि उन्हें 10 अक्टूबर को एक ई-मेल शिकायत श्री रंजन दत्ता से मिली थी। रंजन दत्ता ने बताया था कि उन्हें अपनी स्कूटी (पंजीकरण संख्या डब्ल्यूबी05सी 1317 ) के खिलाफ कुछ अभियोजन संदेश प्राप्त हुए हैं, जबकि वह उन स्थानों पर कभी गए ही नहीं। उन्होंने आशंका व्यक्त की थी कि कोई अज्ञात शरारती तत्व उनकी पंजीकरण संख्या से मिलती-जुलती फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रहा है। सार्जेंट बिस्वास ने स्कूटी और उसके चालक मंगल नस्कर को कसबा थाना लाया और एक लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि मंगल नस्कर ने कुछ अज्ञात बदमाशों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और बेईमानी से फर्जी नंबर प्लेट (डब्ल्यूबी05सी 1317 ) बनाई और इसे दूसरी स्कूटी पर असली बताकर इस्तेमाल किया। यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने मोटर वाहन अधिनियम के पंजीकरण कानून का उल्लंघन किया और सरकारी राजस्व को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाया।
जांच के दौरान, सबसे पहले स्कूटी चालक मंगल नस्कर (31) को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। मंगल नस्कर (31) ने पूछताछ में बताया कि उसने अगस्त 2025 में परमेंद्र प्रसाद केसरी से एक स्कूटी खरीदी थी, लेकिन खरीदने के तुरंत बाद उसमें कुछ समस्या आ गई। जब वह केसरी के पास गया, तो केसरी ने उसे यह कहकर फर्जी नंबर प्लेट वाली स्कूटी चलाने के लिए दी कि इसका अभी कोई मालिक नहीं है और नंबर प्लेट नकली है, इसलिए उसे ट्रैफिक चालान की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
नस्कर ने यह भी बताया कि उसकी अपनी स्कूटी अभी भी परमेंद्र प्रसाद केसरी के पास है। इसके बाद, नस्कर के बयान के आधार पर परमेंद्र प्रसाद केसरी (44) को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिसने मंगल नस्कर को फर्जी नंबर प्लेट वाली स्कूटी दी थी। पूछताछ में केसरी ने उन व्यक्तियों की पहचान का खुलासा किया, जिन्होंने फर्जी नंबर प्लेट बनाई और सप्लाई की थी। केसरी द्वारा बताए गए स्थान पर दबिश देकर विक्रम साव (40) को 37बी एजेसी बोस रोड स्थित उसकी दुकान से गिरफ्तार किया गया। साव की दुकान से कई फर्जी नंबर प्लेट जब्त की गईं। साव से आगे की पूछताछ के बाद, 13, मैकलियोड स्ट्रीट में एक कमरे का पता चला, जहाँ एक नंबर प्लेट बनाने की मशीन और पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश आदि विभिन्न राज्यों की असंख्य जाली नंबर प्लेट बरामद हुईं। वहां से निम्नलिखित पांच और व्यक्तियों को एसके नियाजुद्दीन (28), मीर सहेनुल अख्तर (48), मीर फारूक अली (55), समीर अली (22), सलमान खान (25) को गिरफ्तार किया गया, जो नंबर प्लेट बनाने और सप्लाई करने का काम करते थे। पकड़े गए व्यक्तियों के पास नंबर प्लेट बनाने का कोई अधिकृत दस्तावेज नहीं था और उन्होंने बताया कि वे ग्राहकों की मांग के अनुसार प्लेट बनाते और आपूर्ति करते थे। सभी जाली नंबर प्लेट और नंबर प्लेट बनाने की मशीन को कानूनी औपचारिकताओं के बाद जब्त कर लिया गया है। सभी 8 आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।