वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
पुलिस उन चार आरोपी छात्रों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने अपने ही साथियों पर हमला किया
कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार कॉलेज के हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ होने वाली रैगिंग का विरोध करने पर एक द्वितीय वर्ष के छात्र और उसके साथी को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। घटना कोलकाता स्टेशन के पास की बताई जा रही है। इस मामले में उल्टाडांगा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। मानिकतल्ला स्थित प्रथम वर्ष (2024 बैच) के छात्रों के हॉस्टल से रैगिंग की शिकायत सामने आई है।
आरोप है कि द्वितीय वर्ष के कुछ छात्र जबरन जूनियर हॉस्टल में रहते हैं और वहां देर रात प्रथम वर्ष के छात्रों को बुलाकर इंटरव्यू के नाम पर उनका मानसिक और शारीरिक उत्पीडऩ करते हैं। घटनाक्रम के अनुसार, जब द्वितीय वर्ष के ही एक छात्र को इस रैगिंग के बारे में पता चला, तो उसने चुप रहने के बजाय कॉलेज अधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी। इस शिकायत के आधार पर शनिवार को कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों ने सभी पक्षों के साथ एक बैठक की। आरोप है कि इस बैठक के तुरंत बाद, आरोपी छात्रों ने शिकायतकर्ता छात्र को निशाना बनाया। जब वह अपने एक सहपाठी के साथ जा रहा था, तब कोलकाता स्टेशन के पास चार छात्रों ने उन्हें रोककर सड़क पर पटक दिया और बेधड़क पिटाई की। रैगिंग की घटना पर अस्पताल अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन तो दिया है, लेकिन शनिवार को हुई मारपीट पर उनका रुख चर्चा का विषय बना हुआ है।
अस्पताल सूत्रों का कहना है कि मारपीट की घटना अस्पताल परिसर के बाहर हुई है। इसलिए कॉलेज प्रशासन सीधे तौर पर कुछ नहीं कर सकता। मामला अब पुलिस के पास है और वे जांच में सहयोग करेंगे। 9 अगस्त 2024 को आरजी कर अस्पताल के भीतर एक महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। उस घटना के बाद अस्पताल में सुरक्षा और सिंडिकेट राज को खत्म करने की मांग उठी थी। अब दोबारा छात्रों के बीच हिंसा और रैगिंग की खबर ने प्रशासन की सक्रियता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। उल्टाडांगा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन चार आरोपी छात्रों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने अपने ही साथियों पर हमला किया।