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स्पॉन्सर कंपनियों को भेजा गया समन
कोलकाता। मेसी इवेंट के दिन हुई भारी अव्यवस्था के मामले में जांच को नई रफ्तार मिली है। विशेष जांच टीम ने इस इवेंट से जुड़े 6 से अधिक स्पॉन्सर कंपनियों को पूछताछ के लिए तलब किया है।
सूत्रों के मुताबिक, इन सभी को इसी सप्ताह के भीतर विशेष जांच कमेटी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले विशेष जांच कमेटी ने मेसी इवेंट से जुड़े ऑनलाइन टिकट बिक्री कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी से भी लंबी पूछताछ की थी। जांचकर्ताओं का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या इस पूरे मामले के पीछे किसी तरह की वित्तीय अनियमितता या सुनियोजित साजिश शामिल है। जांच सूत्रों के अनुसार, विशेष जांच कमेटी यह जानने की कोशिश कर रही है कि स्पॉन्सर कंपनियों से शताद्रु दत्त को कितनी राशि मिली और वह रकम किस प्रक्रिया के तहत ली गई। इसके साथ ही यह भी जांच के दायरे में है कि इस पैसे का इस्तेमाल किस तरह किया गया। इसी सिलसिले में विशेष जांच कमेटी ने शताद्रु दत्त के तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
जांचकर्ताओं का अनुमान है कि इन्हीं मोबाइल फोन के जरिए इवेंट से जुड़ी ऑनलाइन टिकटिंग कंपनियों और अन्य संबंधित लोगों से संपर्क किया गया था। मेसी इवेंट अव्यवस्था मामले में ऑनलाइन टिकट कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट आकुल नारुला को नोटिस भेजकर दिल्ली से कोलकाता बुलाया गया। विशेष जांच कमेटी सूत्रों के मुताबिक, उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आकुल नारुला को शताद्रु दत्त के आमने-सामने बैठाकर कई अहम सवाल किए गए। हालांकि, जांच अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन टिकट कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
बताया जा रहा है कि शताद्रु दत्त की गिरफ्तारी के समय उनके पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया गया था। बाद में पूछताछ में सामने आया कि वे कुल तीन मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके बाद तलाशी अभियान चलाकर उनके घर से दो और मोबाइल फोन बरामद किए गए। अब विशेष जांच कमेटी इन तीनों मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स, चैट और अन्य डिजिटल डेटा की गहन जांच कर रही है। खासतौर पर यह देखा जा रहा है कि मेसी इवेंट को लेकर ऑनलाइन टिकट कंपनी और अन्य संस्थाओं के साथ किस तरह की बातचीत हुई थी। जांच के दौरान शताद्रु दत्त ने दावा किया है कि उन्हें अब तक ऑनलाइन टिकट कंपनी से कोई पैसा नहीं मिला है। उनका कहना है कि जैसे ही वह रकम मिलेगी, दर्शकों को टिकट का पैसा लौटाया जा सकेगा। इधर, टिकट रिफंड के मुद्दे पर कानूनी सलाह भी ली जा रही है।
जांचकर्ताओं का कहना है कि जरूरत पडऩे पर ऑनलाइन टिकट कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट को दोबारा भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। विशेष जांच कमेटी का मानना है कि स्पॉन्सर कंपनियों से पूछताछ के बाद इस पूरे मामले में वित्तीय लेन-देन की तस्वीर और साफ होगी और मेसी इवेंट के दिन हुई अव्यवस्था के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।