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कोलकाता पुलिस की यह सक्रियता दर्शाती है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था 2024 के मुकाबले और भी अधिक कड़ी और पेशेवर होने वाली है
कोलकाता। बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव-2026 की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पुलिस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की संभावित भारी तैनाती को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे और ठहरने की व्यवस्था का आकलन तेज कर दिया है। लालबाजार की ओर से कोलकाता के सभी थानों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में उन स्थानों की सूची तैयार करने को कहा गया है, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों को ठहराया गया था। पुलिस अधिकारियों को इन केंद्रों की वर्तमान स्थिति, पेयजल की उपलब्धता, बिजली और स्वच्छता जैसे मानकों की जांच कर आगामी मंगलवार तक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार सुरक्षा रणनीति में कई बदलाव किए जा सकते हैं। जिन केंद्रों पर पहले बलों को ठहराने में असुविधा हुई थी, उनके विकल्प तलाशने को भी कहा गया है। पुलिस का मुख्य फोकस संवेदनशील बूथों के पास बलों की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करना है। कोलकाता में पिछली बार की तरह 500 से अधिक कंपनियों के ठहरने की व्यवस्था का खाका तैयार किया जा रहा है। लालबाजार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमारा उद्देश्य चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ही प्रशासनिक और लॉजिस्टिक रूप से तैयार रहना है, ताकि केंद्रीय बलों के आगमन पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। सुरक्षा इंतजामों के साथ-साथ पुलिस ने क्षेत्र में मौजूद लाइसेंसधारी हथियारों की भी स्क्रूटनी शुरू कर दी है। थानों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने इलाके में मौजूद निजी हथियारों की सूची अपडेट करें।
चुनावी आचार संहिता लागू होने के बाद इन हथियारों को जमा कराने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके, इसके लिए अभी से डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। हालांकि चुनाव में अभी कुछ महीनों का वक्त शेष है, लेकिन पश्चिम बंगाल की राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। चुनाव आयोग और राज्य पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए लालबाजार लगातार थानों के संपर्क में है। कोलकाता पुलिस की यह सक्रियता दर्शाती है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था 2024 के मुकाबले और भी अधिक कड़ी और पेशेवर होने वाली है।