Please wait
प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने के लिए विधेयक, पारिवारिक कानूनों में बड़े बदलाव की संभावना Sudhir wins historic कल्याण बनर्जी ने किया मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का समर्थन Sudhir wins historic तारातला हादसे में पूर्व मेयर फिरहाद एवं दो पार्षदों के नाम शिकायत दर्ज; मरने वालों की संख्या हुई 17 Sudhir wins historic तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढही, 3 मजदूरों की मौत, 18 को बचाया गया Sudhir wins historic भवानीपुर चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली ममता की याचिका पर सुनवाई, हाई कोर्ट ने मतदान सामग्री सुरक्षित रखने का दिया निर्देश Sudhir wins historic वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए Sudhir wins historic अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रेड रोड में भव्य आयोजन, पीएम मोदी बोले - योग मानव चेतना से जुड़ने का जरिया Sudhir wins historic झारखंड राज्यसभा चुनाव: झामुमो के बैद्यनाथ राम और निर्दलीय परिमल नथवानी विजयी Sudhir wins historic फलता हिंसा पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, बोले- कोई कानून हाथ में न ले, हमलावरों की संपत्ति भी होगी जब्त Sudhir wins historic

फिजियोथेरेपिस्ट “डॉ” उपसर्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे, केरल कोर्ट के फैसले का आई एपी ने किया स्वागत

अदालत ने साफ किया कि फिजियोथेरेपी एक वैज्ञानिक, प्रमाण-आधारित और स्वतंत्र स्वास्थ्य पेशा है। आई एपी के अध्यक्ष प्रो. डॉ संजीव के. झा ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे भारत में फिजियोथेरेपिस्टों की पेशेवर पहचान, स्वायत्तता और सम्मान को कानूनी मान्यता मिली है।

23 Jan 2026

फिजियोथेरेपिस्ट “डॉ” उपसर्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे, केरल कोर्ट के फैसले का आई एपी ने किया स्वागत

नई दिल्ली। केरल हाईकोर्ट ने फिजियोथेरेपिस्टों के हक में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। यह फैसला भारतीय फिजियोथेरेपी एसोसिएशन (आई एपी) के पक्ष में आया है, जो इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन द्वारा दायर याचिका के खिलाफ था। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब योग्य फिजियोथेरेपिस्ट “डॉ” उपसर्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं और वे बिना किसी अनावश्यक रोक-टोक के स्वतंत्र रूप से इलाज करने के लिए अधिकृत हैं।

अदालत ने साफ किया कि फिजियोथेरेपी एक वैज्ञानिक, प्रमाण-आधारित और स्वतंत्र स्वास्थ्य पेशा है। आई एपी के अध्यक्ष प्रो. डॉ संजीव के. झा ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे भारत में फिजियोथेरेपिस्टों की पेशेवर पहचान, स्वायत्तता और सम्मान को कानूनी मान्यता मिली है। अदालत ने आई एपीएम आर की सभी दलीलों को खारिज कर दिया। यह फैसला देशभर के लाखों फिजियोथेरेपिस्टों और छात्रों के लिए बड़ी राहत है।

उन्होंने मीडिया को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिजियोथेरेपिस्ट प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा में अहम भूमिका निभाते हैं। बीमारी की रोकथाम, इलाज और शारीरिक क्षमता को वापस लाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

प्रो. डॉ झा ने कहा कि यह फैसला केवल कानूनी जीत नहीं, बल्कि पूरी फिजियोथेरेपी बिरादरी की सामूहिक जीत है। इससे मरीजों को बेहतर और आसान इलाज मिलेगा, नैतिक और स्वतंत्र प्रैक्टिस को बढ़ावा मिलेगा, और शिक्षा व शोध को भी मजबूती मिलेगी।

भारतीय फिजियोथेरेपी एसोसिएशन ने इस फैसले को भारत में फिजियोथेरेपी के इतिहास का एक अहम पड़ाव बताया है। संगठन ने एनसीएएचपी देशभर के फिजियोथेरेपिस्टों, शिक्षकों, छात्रों और सभी समर्थकों का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस संघर्ष में एकजुट होकर साथ दिया।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


फिजियोथेरेपिस्ट “डॉ” उपसर्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे, केरल कोर्
अदालत ने साफ किया कि फिजियोथेरेपी एक वैज्ञानिक, प्रमाण-आधारित और स्वतंत्र स्वास्थ्य पेशा है। आई एपी के अध्यक्ष प्रो. डॉ संजीव के. झा ने इस फैसले को ऐतिहासिक बता





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News