रिश्तों का कत्ल: पुत्र समेत परिवार के 6 सदस्य गिरफ्तार
कोलकाता। नदिया जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक सरकारी शिक्षक बेटे पर अपनी ही मृत मां की आंखें और अन्य अंगों को चंद रुपयों के लालच में अवैध रूप से बेचने का गंभीर आरोप लगा है। इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद समूचे कृष्णनगर कोतवाली थाना क्षेत्र के कालिरहाट सेनपुर इलाके में भारी तनाव व्याप्त है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक महिला के शिक्षक बेटे सहित परिवार के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय राबिया बीबी लंबे समय से बीमार थीं और सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। पड़ोसियों का आरोप है कि महिला की मृत्यु के बाद उनके परिजनों ने किसी को भी शव के पास जाने नहीं दिया। इसी बीच, घर के भीतर एक निजी मेडिकल टीम पहुँची, जो करीब दो घंटे तक कमरे के भीतर रही। टीम के जाने के बाद जब स्थानीय लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि मृतका की दोनों आंखें गायब थीं और शरीर पर कई जगह चीरे के निशान थे। ग्रामीणों को संदेह हुआ कि अंगदान के नाम पर अंगों का अवैध सौदा किया गया है।
जब ग्रामीणों ने परिवार के सदस्यों से अंगदान से संबंधित कानूनी दस्तावेज और सहमति पत्र दिखाने को कहा, तो परिजन टालमटोल करने लगे। कोई भी वैध प्रमाण पत्र पेश न कर पाने पर लोगों का शक गहरा गया और उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुँची कृष्णनगर थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और प्राथमिक जांच के बाद मृतका के तीन बेटों, दो बेटियों और एक बहू को हिरासत में ले लिया। लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने अवैध तरीके से अंग निकालने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दूसरी ओर, गिरफ्तार शिक्षक बेटे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
उसका दावा है कि उसकी मां की अंतिम इच्छा के अनुसार ही अंगों का दान किया गया है और उनके पास इससे संबंधित दस्तावेज भी मौजूद हैं। आरोपी के अनुसार, इलाके में उनके पुराने जमीन विवाद के कारण कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। हालांकि, पुलिस इस दलील से संतुष्ट नहीं है और वह उस निजी मेडिकल टीम की भी तलाश कर रही है जो घटना के समय घर पर मौजूद थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शरीर से कौन-कौन से अंग निकाले गए और क्या इस प्रक्रिया में किसी संगठित अंग तस्करी गिरोह का हाथ है। फिलहाल, इस घटना ने अंगदान जैसी संवेदनशील और महान प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या शहर के किसी बड़े अस्पताल या निजी लैब के साथ इन आरोपियों के तार जुड़े हुए हैं।