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शिकायतकर्ताओं के साथ व्यवहार में पारदर्शिता लाने की बड़ी पहल
कोलकाता। थानों में शिकायत दर्ज कराने के दौरान पुलिस के टालमटोल वाले रवैये और एफआईआर दर्ज करने में होने वाली देरी पर लगाम लगाने के लिए कोलकाता पुलिस ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। महानगर के थानों में अब ड्यूटी ऑफिसरों की वर्दी पर बॉडी कैमरा लगा नजर आएगा। ट्रैफिक पुलिस की तर्ज पर शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच होने वाले विवादों को खत्म करना और जवाबदेही तय करना है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब थाने के भीतर होने वाली हर बातचीत और गतिविधि न केवल रिकॉर्ड होगी, बल्कि साक्ष्य के तौर पर भी सुरक्षित रहेगी। कोलकाता पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार कार्यभार संभालने के बाद से ही थानों के बुनियादी ढांचे और पुलिसिया व्यवहार को सुधारने पर विशेष जोर दे रहे हैं। हाल के दिनों में पुलिस आयुक्त ने स्वयं छद्मवेश में बालीगंज और सर्वे पार्क जैसे थानों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने पाया कि कई बार अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर नागरिकों को लौटा दिया जाता है। इसी कड़वे अनुभव के बाद अब लालबाजार की ओर से सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि कोई भी शिकायतकर्ता थाने से खाली हाथ नहीं लौटेगा। घटना चाहे कहीं भी हुई हो, प्राथमिक तौर पर शिकायत दर्ज करना अनिवार्य होगा। थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के बावजूद बॉडी कैमरा को गेम-चेंजर माना जा रहा है। ड्यूटी ऑफिसर के सीने पर लगा यह कैमरा ड्यूटी शुरू होने से लेकर खत्म होने तक ऑन रहेगा। इससे पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर तो नजर रहेगी ही, साथ ही उन प्रभावशाली लोगों की भी पहचान हो सकेगी जो पुलिस पर अनुचित दबाव बनाने या झूठी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश करते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि कैमरे की रिकॉर्डिंग में किसी अधिकारी की लापरवाही सिद्ध होती है, तो उसके खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर गलत जानकारी देने वाले शिकायतकर्ताओं पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा सकेगा। लालबाजार का मानना है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से थानों की कार्यप्रणाली में अभूतपूर्व पारदर्शिता आएगी। अक्सर थानों में होने वाली नोकझोंक के मामलों में यह तय करना मुश्किल होता था कि गलती किसकी है, लेकिन अब वीडियो और ऑडियो साक्ष्य इस गुत्थी को सुलझा देंगे। कोलकाता पुलिस की यह आधुनिक पहल न केवल भ्रष्टाचार और लापरवाही पर प्रहार करेगी, बल्कि आम नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास को भी नया आधार प्रदान करेगी।