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हालांकि नगर प्रशासन ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि उनका उद्देश्य केवल सेवा वितरण को बेहतर बनाना है
कोलकाता। कोलकाता नगर निगम ने वित्त वर्ष के लिए 111 करोड़ रुपये के घाटे का बजट पेश किया है। मेयर फिऱहाद हकीम ने निगम की बैठक में यह बजट प्रस्तुत किया। मेयर के रूप में उनके दूसरे कार्यकाल का यह अंतिम बजट है, क्योंकि मौजूदा बोर्ड का कार्यकाल इस वर्ष दिसंबर में समाप्त हो रहा है। ऐसे समय में जब राज्य में आगामी बंगाल चुनाव और उसके बाद नगर निगम चुनाव की आहट है, इस बजट को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि नगर प्रशासन का कहना है कि यह बजट पूरी तरह विकासोन्मुख है और इसका मुख्य उद्देश्य नागरिक सेवाओं को मजबूत करना तथा शहर के बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाना है।वित्त वर्ष 2025-26 के लिए निगम की कुल आय 5524.84 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि कुल व्यय 5639.56 करोड़ प्रस्तावित है। पिछले बजट का घाटा 114.72 था लेकिन इस बार आधिकारिक रूप से 111 करोड़ रुपये के घाटे का ही उल्लेख है जिससे यह पता चलता है कि निगम को 3 करोड़ का फायदा पहुंचा है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि वर्ष के दौरान कर संग्रह, फीस और अन्य राजस्व स्रोतों में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे वास्तविक वित्तीय स्थिति संतुलित हो सकती है। पिछले दो वित्त वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि प्रारंभिक घाटे के बावजूद वर्ष के अंत में निगम ने अधिशेष दर्ज किया था। 2024-25 में 126.40 करोड़ रुपये के घाटे का बजट पेश किया गया था, लेकिन वर्ष समाप्ति पर 351.49 करोड़ रुपये का अधिशेष हुआ। 2023-24 में भी वर्ष के अंत में 320.30 करोड़ रुपये का अधिशेष दर्ज किया गया। इन उदाहरणों के आधार पर निगम प्रशासन आशावादी है कि इस बार भी घोषित घाटा अंतिम आंकड़ों में कम या समाप्त हो सकता है। इस बजट में बस्ती क्षेत्रों के विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। 'उत्तरणÓ परियोजना के तहत झुग्गी-बस्तियों में आवासीय स्थिति सुधारने, स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने, पेयजल और शौचालय सुविधाओं के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है।प्रशासन का मानना है कि शहर के समग्र विकास के लिए बस्तियों का उन्नयन अनिवार्य है। इसलिए इस बार बजट में इस क्षेत्र के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं। आधारभूत संरचना को मजबूत करने की योजनासड़क मरम्मत, गड्ढा मुक्त अभियान, स्ट्रीट लाइटिंग में सुधार, जल निकासी प्रणाली को आधुनिक बनाना और वर्षा जल निकासी की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। मानसून के दौरान जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए भी अलग से योजनाएं शामिल की गई हैं।इसके अलावा कचरा प्रबंधन प्रणाली को और प्रभावी बनाने तथा ठोस अपशिष्ट निपटान में नई तकनीक के उपयोग की भी बात कही गई है।बजट में पेयजल आपूर्ति के विस्तार का वादा दोहराया गया है। नई पाइपलाइन बिछाने, जलाशयों के आधुनिकीकरण और जल गुणवत्ता की निगरानी को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
नगर निगम के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाने, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का भी प्रावधान है। डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने की रूपरेखा भी शामिल है। विधानसभा चुनावी वर्ष से पहले पेश किया गया यह निगम का बजट जनहितकारी योजनाओं के माध्यम से मतदाताओं को संदेश देने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि नगर प्रशासन ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि उनका उद्देश्य केवल सेवा वितरण को बेहतर बनाना है।