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कालीगंज के आशाचिया गांव में चुनावी ड्यूटी के दौरान हमला, बीएलओ के सिर में आए सात टांके
कोलकाता। नदिया जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य के दौरान हिंसा का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कालीगंज ब्लॉक के आशाचिया गांव में दस्तावेजों की एक गंभीर लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी (तथ्यगत असंगति) को सुधारने की सलाह देना एक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के लिए जानलेवा साबित हुआ। आरोप है कि मतदाता और उसके परिजनों ने बीएलओ पर लाठियों से हमला कर दिया, जिससे उनका सिर फट गया।
जानकारी के अनुसार, कालीगंज के 80/225 नंबर बूथ पर तैनात बीएलओ अली साहेब दस्तावेजों की जांच कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पाया कि गांव की निवासी अलिफा बीबी की उम्र उनके पिता की उम्र से पांच साल अधिक दर्ज है। इस स्पष्ट तकनीकी त्रुटि को दुरुस्त करने के लिए अली साहेब ने अलिफा और उनके पति आयातुल्ला शेख को सुनवाई (हीयरिंग) में उपस्थित होने की सूचना दी। अस्पताल में उपचाराधीन अली साहेब ने बताया कि मैंने केवल इतना कहा था कि पिता से बेटी की उम्र अधिक नहीं हो सकती और इसे सुधारना अनिवार्य है। यह सुनते ही वे लोग भड़क गए और मुझ पर हमला कर दिया। आरोप है कि आयातुल्ला शेख और उनके परिजनों ने बीएलओ पर लाठी से प्रहार किया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। उन्हें तत्काल कालीगंज ब्लॉक अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों को घाव भरने के लिए सात टांके लगाने पड़े। हालत बिगडऩे पर उन्हें शक्तिनगर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। दूसरी ओर, आरोपी आयातुल्ला शेख ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
उनका दावा है कि बीएलओ ने मदद करने के बजाय उनके परिवार को अपमानित किया, जिससे विवाद हुआ। हालांकि, सरकारी कर्मचारी पर ड्यूटी के दौरान हुए इस हमले ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। चुनाव आयोग द्वारा राज्य में चलाए जा रहे एसआईआर अभियान के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय सरकारी कर्मचारी संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।