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बच्चा चोरी के शक में सिंहीबागान में भारी तनाव, पुलिस ने किया गिरफ्तार
कोलकाता। गिरीश पार्क थाना अंतर्गत सिंहीबागान इलाके में बुधवार दोपहर उस समय भारी उत्तेजना फैल गई, जब स्थानीय लोगों ने बच्चा चोरी के संदेह में दो संदिग्ध महिलाओं को पकड़ लिया। खुद को फेरीवाली बताने वाली ये महिलाएं कथित तौर पर छोटे बच्चों को फल देकर उन्हें बहलाने-फुसलाने की कोशिश कर रही थीं।
स्थानीय निवासियों की सतर्कता से एक बड़ी अनहोनी टल गई और पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है। घटना बुधवार दोपहर करीब 12 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो महिलाएं सिंहीबागान की तंग गलियों में घूम रही थीं। वे खुद को फेरीवाली बता रही थीं, लेकिन उनके पास सामान के नाम पर कुछ फल थे, जिन्हें वे वहां खेल रहे बच्चों को मुफ्त में दे रही थीं। महिलाओं की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर जब कुछ स्थानीय लोगों ने उनसे पूछताछ शुरू की, तो दोनों घबरा गईं। पूछताछ के दौरान वे अपने निवास स्थान और काम को लेकर विरोधाभासी और अलग-अलग जवाब देने लगीं, जिससे लोगों का शक गहरा गया। इलाके के लोगों का कहना है कि ये दोनों महिलाएं पिछले करीब चार दिनों से लगातार इसी गली में रेकी कर रही थीं। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत गिरीश पार्क थाने को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उत्तेजित भीड़ के चंगुल से दोनों महिलाओं को छुड़ाकर थाने ले गई। पुलिस फिलहाल उनसे कड़ी पूछताछ कर रही है और उनके असली पहचान पत्रों की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि कोलकाता के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बच्चा चोरी की अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों ने अभिभावकों की नींद उड़ा रखी है। अभी दो दिन पहले ही काशीपुर की 22 नंबर बस्ती में भी इसी तरह का वाकया सामने आया था, जहां दो महिलाओं को छोटे बच्चों के साथ संदिग्ध अवस्था में घूमते देख जबरदस्त हंगामा हुआ था। सिंहीबागान के लोगों का कहना है कि काशीपुर की घटना के बाद से वे काफी सतर्क हैं, जिसके कारण आज इन महिलाओं को पकड़ा जा सका। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत स्थानीय थाने को सूचित करें। फिलहाल गिरीश पार्क पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पकड़ी गई महिलाएं किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हैं या यह केवल गलतफहमी का मामला है।