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वारदात से पहले हारुन की तलाश में उसके घर गया था शफीक
हावड़ा। पिलखाना इलाके में हुए सनसनीखेज प्रमोटर हत्याकांड ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। पुलिस जांच में इस वारदात का सीधा तार अफगानिस्तान से जुड़ता नजर आ रहा है। मामले की तहकीकात कर रही गोलाबाड़ी थाना पुलिस और एसटीएफ के हाथ चौंकाने वाले तथ्य लगे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी हारुन खान, जिसे अब तक उत्तर हावड़ा का निवासी समझा जा रहा था, असल में वह एक अफगानी नागरिक है। हारुन का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह करीब एक साल जेल की सजा भी काट चुका है। पुलिस ने इस मामले में हारुन के साथ उसके साथी रफाकत हुसैन उर्फ रोहित को भी नामजद किया है। रोहित को इलाके का बड़ा अवैध हथियार तस्कर बताया जा रहा है, जो हारुन के गिरोह को हथियारों की आपूर्ति करता था। जांच में सामने आया है कि मृतक प्रमोटर मोहम्मद शफीक (32) का खुद का दामन भी बेदाग नहीं था। शफीक उत्तर हावड़ा के कुख्यात अपराधी टीपू सुल्तान और आकाश सिंह गिरोह का सक्रिय सदस्य था। वह करीब चार साल पहले पुलिस पर फायरिंग करने और अन्य संगीन मामलों में जेल जा चुका था। हत्याकांड की कडिय़ां जोड़ते हुए पुलिस ने बताया कि मंगलवार रात शफीक खुद हारुन की तलाश में उसके घर गया था। उस समय हारुन वहां मौजूद नहीं था। जब हारुन को पता चला कि शफीक उसे जान से मारने की नीयत से आया था, तो उसने तुरंत जवाबी हमले की साजिश रच डाली। बुधवार तड़के हारुन अपने साथी रोहित के साथ शफीक के घर पहुंचा और उसे बातचीत के बहाने बाहर बुलाया। प्रमोटिंग और इलाके पर कब्जे को लेकर बहस के दौरान ही आरोपियों ने शफीक पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह हत्याकांड महज एक प्रमोटर की हत्या नहीं, बल्कि हावड़ा के दो अपराधी गिरोहों के बीच इलाके पर कब्जे और प्रमोटिंग के कट मनी को लेकर चल रही पुरानी दुश्मनी का नतीजा है। शफीक जेल से बाहर आने के बाद अपनी शादी करके प्रमोटिंग के व्यवसाय के जरिए इलाके में पैर जमाना चाहता था, जो दूसरे गिरोह को रास नहीं आ रहा था। एक विदेशी नागरिक (हारुन खान) का हावड़ा में छिपकर रहना और आपराधिक गिरोह का संचालन करना सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी चूक मानी जा रही है। हावड़ा सिटी पुलिस और एसटीएफ अब इस बात की जांच कर रही है कि हारुन भारत कब और कैसे आया और उसके पास वैध दस्तावेज हैं या नहीं। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।