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गिरिश पार्क लूटकांड के छह अपराधी दबोचे
कोलकाता। महानगर में संगठित अपराध और वांटेड अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में लालबाजार स्थित डिटेक्टिव डिपार्टमेंट को सोमवार को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। डी.डी. के वॉच सेक्शन ने ई.एम. बाईपास के व्यस्त रूबी क्रॉसिंग पर फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर गिरिश पार्क थाने के एक सनसनीखेज लूटकांड में फरार चल रहे छह शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए सभी आरोपी जीवनतला थाना क्षेत्र के घुटियारी शरीफ के रहने वाले हैं। इस गिरोह का सरगना 31 वर्षीय देबब्रत रॉय चौधरी उर्फ देबू बताया जा रहा है, जो अपने पांच अन्य साथियों साबिर सरदार, देबदास दास, मुन्ना खान, कलुआ शेख और बंटी शेख के साथ किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई 19 नवंबर को गिरिश पार्क इलाके में हुई एक बड़ी लूटपाट और धोखाधड़ी की घटना से जुड़ी है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि यह गिरोह मुख्य रूप से बाहरी जिलों से कोलकाता आकर गिरिश पार्क और बड़ा बाजार जैसे घने व्यापारिक क्षेत्रों में सक्रिय रहता था। इनका काम व्यापारियों की रेकी करना और मौका मिलते ही बड़ी नकदी या कीमती सामान उड़ाकर चंपत हो जाना था। वारदात के बाद से ही ये सभी आरोपी पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल थे और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। सोमवार दोपहर पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि आरोपी एक ही गाड़ी में सवार होकर ई.एम. बाईपास के रास्ते शहर से निकलने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वॉच सेक्शन की टीम ने रूबी क्रॉसिंग पर जाल बिछाया और जैसे ही संदिग्धों का वाहन वहां पहुंचा, पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उन्हें आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया। दोपहर की भारी भीड़ के बीच पुलिस ने इस ऑपरेशन को इतनी सटीकता से अंजाम दिया कि किसी को भनक तक नहीं लगी।
पुलिस अब इन आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान पुलिस का मुख्य उद्देश्य गिरिश पार्क मामले में लूटे गए धन की बरामदगी करना और यह पता लगाना है कि शहर में हुई अन्य हालिया वारदातों में इस गिरोह की क्या भूमिका रही है। विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस बड़ी गिरफ्तारी को कोलकाता पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।