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आज हमारे साथी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं और हम सड़कों पर लाठियां खाने को मजबूर हैं
कोलकाता। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के सब्र का बांध शनिवार को आखिरकार टूट गया। साल 2016 के अपर प्राइमरी भर्ती अभियान के उन 1241 चयनित उम्मीदवारों ने, जिनकी नियुक्तियां तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से अब तक लंबित हैं, साल्टलेक स्थित शिक्षा विभाग के मुख्यालय विकास भवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर उतरे इन भावी शिक्षकों की आँखों में केवल गुस्सा नहीं, बल्कि आठ साल की लंबी प्रतीक्षा और सिस्टम की अनदेखी का दर्द भी साफ झलक रहा था। शनिवार सुबह से ही राज्य के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों अभ्यर्थी करुणामयी इलाके में जुटने शुरू हो गए थे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में विकास भवन की ओर मार्च किया, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिसिया घेराबंदी को तोड़ते हुए कई अभ्यर्थी विकास भवन के मुख्य द्वार तक पहुँचने में सफल रहे, जिससे व्यस्त सड़क पर घंटों तक यातायात बाधित रहा। आंदोलनकारियों का आरोप है कि अगस्त 2024 में हाईकोर्ट ने कुल 14,052 पदों पर नियुक्ति का स्पष्ट आदेश दिया था। विभाग ने इनमें से अधिकांश को नियुक्त पत्र थमा दिए, लेकिन 1241 योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी वाजिब कारण के सूची से बाहर रखा गया है। प्रदर्शनकारी इसे प्रशासन का सौतेला व्यवहार करार दे रहे हैं। धरना स्थल पर बैठी एक महिला अभ्यर्थी ने सिसकते हुए कहा कि आठ साल पहले जब हमने परीक्षा दी थी, तब सपने देखे थे। आज हमारे साथी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं और हम सड़कों पर लाठियां खाने को मजबूर हैं।
अब हमें आश्वासन नहीं, सिर्फ जॉइनिंग लेटर चाहिए।" दोपहर तक साल्टलेक का यह इलाका नारों और विरोध प्रदर्शन से गूँजता रहा। अभ्यर्थियों ने दो-टूक शब्दों में कहा कि उनका यह संघर्ष किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें समझाने और रास्ता खाली कराने की कोशिश की, लेकिन अभ्यर्थी काउंसलिंग की आधिकारिक तारीख घोषित होने तक हटने को तैयार नहीं थे। फिलहाल, विकास भवन के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और गेंद अब शिक्षा विभाग के पाले में है कि वह इन 'अदृश्य' 1241 उम्मीदवारों के साथ न्याय कब करता है।