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एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने के लिए संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दे रहे हैं
कोलकाता। विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़े पुरुलिया जिले में गुरुवार को राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने एक सनसनीखेज छापेमारी के दौरान हथियारों के बड़े जखीरे को बरामद कर किसी संभावित बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। शहर के व्यस्त दसेर बांध इलाके में हुई इस कार्रवाई ने न केवल सुरक्षा तंत्र की सतर्कता को साबित किया है, बल्कि चुनावी माहौल में कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता को भी उजागर कर दिया है। एक ऐसी दुकान जिसे प्रशासन ने महीनों पहले सील किया था, उसके भीतर से फिर से भारी मात्रा में अवैध आग्नेयास्त्रों का मिलना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। एसटीएफ को अपने खुफिया तंत्र से पुख्ता सूचना मिली थी कि दसेर बांध इलाके में स्थित एक लंबे समय से बंद पड़ी बंदूक की दुकान का इस्तेमाल गुपचुप तरीके से अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
जानकारी मिलते ही एसटीएफ की टीम ने गुरुवार दोपहर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया और दुकान का ताला खोलकर गहन तलाशी अभियान शुरू किया। दुकान के भीतर से न केवल बने-बनाए अवैध हथियार बरामद हुए, बल्कि भारी मात्रा में हथियार बनाने के साजो-सामान और उपकरण भी मिले। हालांकि, जांच की गोपनीयता बनाए रखने के लिए एसटीएफ ने फिलहाल बरामद हथियारों की सटीक गिनती और उनके प्रकार का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि उक्त दुकान पहले भी पुलिसिया कार्रवाई का केंद्र रह चुकी है। कुछ महीने पहले भी पुलिस ने यहाँ छापेमारी कर अवैध गतिविधियों के आरोप में दुकान के वर्तमान मालिक और उसके कुछ सहयोगियों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से यह दुकान सीलबंद थी। अब चुनाव से ठीक पहले एक सीलबंद परिसर के भीतर हथियारों की नई खेप का मिलना प्रशासन और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाता है।
एसटीएफ और स्थानीय खुफिया विभाग अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं कि सुरक्षा घेरे में होने के बावजूद यहाँ हथियारों की सप्लाई कैसे हुई और इनका वास्तविक गंतव्य कहाँ था। पुलिस को अंदेशा है कि इन हथियारों का इस्तेमाल आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर हिंसा फैलाने या डराने-धमकाने के लिए किया जाना था। जांच का एक मुख्य सिरा इस बात की ओर भी है कि क्या इस अवैध सिंडिकेट के पीछे किसी प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति या अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह का हाथ है।
एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने के लिए संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दे रहे हैं। फिलहाल, दसेर बांध इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है और इस बरामदगी ने राज्य की राजनीतिक फिजा में गर्माहट पैदा कर दी है, जहाँ विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है।