वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए उसे खतरनाक पार्टी बताया और कहा कि तृणमूल ने उन्हें सम्मान और स्वतंत्रता दी है
कोलकाता। विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सूबे की सियासत में बड़े बदलावों का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ जहां दक्षिण बंगाल में कद्दावर नेता अराबुल इस्लाम ने तृणमूल से नाता तोड़कर नई शुरुआत का एलान किया है, वहीं उत्तर बंगाल के पहाड़ों में ममता बनर्जी ने एक बड़ी रणनीतिक चाल चलते हुए दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और कर्सियांग की तीनों सीटों पर अपने उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया है। तृणमूल यहां अनित थापा के नेतृत्व वाले भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा का समर्थन करेगी। दार्जिलिंग की राजनीति में इस बार का समीकरण पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। चुनावी कार्यक्रम घोषित होते ही अनित थापा ने पहाड़ की तीनों सीटों पर उम्मीदवारों का एलान कर दिया। थापा ने स्पष्ट किया कि वे तृणमूल के साथ गठबंधन में हैं, लेकिन उनकी पार्टी अपने ही चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए उसे खतरनाक पार्टी बताया और कहा कि तृणमूल ने उन्हें सम्मान और स्वतंत्रता दी है। दूसरी ओर, भाजपा खेमे में अभी भी असमंजस की स्थिति है। पार्टी का गोरखा जनमुक्ति मोर्चा यानी विमल गुरुंग गुट और जीएनएलएफ के साथ गठबंधन को लेकर मंथन जारी है। हमरो पार्टी भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है।