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बांग्लादेशी शूटरों पर कानून का शिकंजा

उस्मान हादी हत्याकांड, बिधाननगर अदालत में पेशी के बाद जेल की तैयारी

22 Mar 2026

बांग्लादेशी शूटरों पर कानून का शिकंजा

कोलकाता। पड़ोसी देश बांग्लादेश के चर्चित संगठन इंकिलाब मंच के शहीद नेता उस्मान हादी की नृशंस हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार को एसटीएफ ने इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों, आलमगीर हुसैन और फैसल करीम को बिधाननगर अदालत में पेश किया। लगभग दो सप्ताह की गहन पुलिस रिमांड के बाद हुई इस पेशी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित इस मामले की संजीदगी को और बढ़ा दिया है। अदालत में पेशी से पूर्व सुरक्षा के कड़े घेरे में दोनों आरोपियों को बिधाननगर महकमा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनके स्वास्थ्य परीक्षण की औपचारिकता पूरी की गई। इसके पश्चात दोपहर करीब पौने बारह बजे उन्हें न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया। 
एसटीएफ की अब तक की जांच में जो सनसनीखेज खुलासे हुए हैं, उसके तार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को लांघते नजर आ रहे हैं। जांच के मुताबिक, हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर महीनों तक बांग्लादेश के विभिन्न गुप्त ठिकानों पर छिपे रहे। वहां पुलिसिया घेराबंदी बढऩे पर उन्होंने भारत में शरण लेने की योजना बनाई। इस साजिश में फिलिप संगमा नामक एक बिचौलिए ने अहम भूमिका निभाई। संगमा की मदद से ही दोनों आरोपियों ने मेघालय सीमा के दुर्गम रास्तों का उपयोग कर अवैध तरीके से भारतीय सीमा में प्रवेश किया था। हालांकि, कानून की लंबी बांहों से वे बच नहीं सके और बीते 8 मार्च को उत्तर 24 परगना के बनगांव सीमा क्षेत्र से एसटीएफ ने उन्हें दबोच लिया। 
आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने 11 मार्च को बिचौलिए फिलिप संगमा को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसे शनिवार को ही 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, रविवार को अदालत में मुख्य आरोपियों के खिलाफ पुख्ता तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य पेश किए गए हैं। एसटीएफ अब इस हत्याकांड के पीछे छिपे गहरे राजनीतिक षड्यंत्र और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की कडिय़ों को जोडऩे में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सीमा पार बैठे इस खूनी खेल के असली मास्टरमाइंड कौन हैं और उन्हें भारत में और किन-किन लोगों से मदद मिल रही थी। फिलहाल, दोनों मुख्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की पूरी संभावना है।

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