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अगर कहीं भी अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी
कोलकाता। उत्तर कोलकाता में आगामी चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। नॉर्थ कोलकाता की जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और निगम आयुक्त स्मिता पांडेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसी भी कीमत पर छप्पा वोटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि 1835 पोलिंग स्टेशनों पर पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्मिता पांडेय ने बताया कि सभी रिटर्निंग ऑफिसर्स के साथ विस्तृत बैठक कर उन्हें चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि हमने सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित रहे। किसी भी तरह की गड़बड़ी या नियम उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। डीईओ ने खास तौर पर वेबकास्टिंग व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि सभी 1835 पोलिंग स्टेशनों पर 100 प्रतिशत लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। संवेदनशील बूथों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जहां एक के बजाय तीन-तीन कैमरों से निगरानी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी बूथ पर आधे घंटे से अधिक समय तक वेबकास्टिंग बाधित होती है, तो उस बूथ पर पुनर्मतदान (री-पोल) की सिफारिश की जाएगी। उत्तर कोलकाता में कुल 583 मतदान परिसरों के अंतर्गत 1835 बूथ बनाए गए हैं। इनमें कई बूथ ऐसे इलाकों में स्थित हैं जिन्हें प्रशासन ने संवेदनशील की श्रेणी में रखा है। ऐसे इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है। डीईओ ने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र में अगर पहले हिंसा या अशांति की घटनाएं सामने आई हैं, तो उसे संवेदनशील मानते हुए वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।स्मिता पांडेय ने यह भी बताया कि चुनाव को वोट उत्सव के रूप में शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए विभिन्न कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स उठाए जा रहे हैं। प्रशासन की कोशिश है कि मतदाता बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स और अन्य चुनाव कर्मियों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपट सकें। मतदान के दौरान तकनीकी और सुरक्षा दोनों पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खासकर हाई-राइज इमारतों में बनाए गए मतदान केंद्रों के लिए अलग से व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। डीईओ ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि हर मतदाता सुरक्षित माहौल में वोट डाल सके। अगर कहीं भी अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं से भी अपील की कि वे चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करें और लोकतंत्र के इस पर्व को शांतिपूर्ण बनाए रखें।