शराब के नशे में चलीं दहशतगर्दों का तांडव, 2 गिरफ्तार
कोलकाता। उत्तर हावड़ा का गोलाबाड़ी इलाका सोमवार की देर रात एक बार फिर गोलियों की गूंज से थर्रा उठा। बीबी बगान इलाके में हुई इस 'शूटआउट' की घटना ने स्थानीय निवासियों को दहशत में डाल दिया है। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सरेआम हुई फायरिंग ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में दो मुख्य संदिग्धों को दबोच लिया है। प्राथमिक जांच के अनुसार, घटना की जड़ में शराब के नशे में हुआ एक मामूली विवाद बताया जा रहा है। सोमवार देर रात आकाश यादव और विक्की नामक दो युवक इलाके में शराब पी रहे थे। इसी दौरान उनका राहुल नाम के एक अन्य युवक से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि आकाश और विक्की ने आपा खो दिया और अचानक अपनी कमर से पिस्तौल निकालकर फायरिंग शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बदमाशों ने राहुल को निशाना बनाकर कई राउंड गोलियां चलाईं। गनीमत रही कि राहुल ने समय रहते खुद को बचा लिया और कोई भी गोली उसे नहीं लगी। आधी रात को सूनसान सड़क पर अचानक हुई इस फायरिंग से आसपास के घरों में सो रहे लोग जाग गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही गोलाबाड़ी थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुँची और घेराबंदी कर दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। गोलाबाड़ी इलाके के लिए यह कोई पहली घटना नहीं है। महज एक महीने पहले ही इसी थाना क्षेत्र के पिलखाना में एक प्रमोटर शफीक खान की पॉइंट ब्लैंक रेंज पर गोली मारकर सरेआम हत्या कर दी गई थी, जिसमें हाल ही में मुख्य आरोपी हारुन और रोहित की दिल्ली से गिरफ्तारी हुई है। उस सनसनीखेज हत्या के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि बीबी बगान की इस फायरिंग ने पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी पर फिर से सवालिया निशान लगा दिया है।
बंगाल में 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक पहले इस तरह की वारदात ने निर्वाचन आयोग और पुलिस दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह केवल शराब के नशे में हुआ झगड़ा था या इसके पीछे कोई गहरी आपराधिक साजिश या सिंडिकेट का हाथ है।
फिलहाल इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और गिरफ्तार आरोपियों से हथियारों के स्रोत के बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इलाके में अवैध हथियारों की उपलब्धता और अपराधियों का बेखौफ अंदाज प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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