वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
वहीं दूसरी तरफ हुमायूं कबीर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है
कोलकाता। विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़े सियासी मैदान में वीडियो बम के बाद अब कानूनी कार्रवाई ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। आम जनता उन्नयन पार्टी के चेयरमैन हुमायूं कबीर की मुश्किलें उस समय बढ़ गईं, जब उनके कथित बाबरी मस्जिद वाले बयान को लेकर बीरभूम जिले के सिउड़ी थाने में एक औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की गई। यह कार्रवाई राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा की शिकायत के आधार पर की गई है, जिससे चुनाव से ठीक पहले हुमायूं कबीर की घेराबंदी और तेज हो गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद के नाम पर न केवल मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई है, बल्कि राज्य के शांत वातावरण में सांप्रदायिक वैमनस्य घोलने का भी प्रयास किया है। सिउड़ी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो और उसमें दिए गए बयानों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी ताकि आरोपों की सत्यता जांची जा सके। उल्लेखनीय है कि यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब तृणमूल ने हुमायूं कबीर से जुड़ा एक कथित स्टिंग वीडियो सार्वजनिक किया था। इस वीडियो में उनके कुछ बयानों को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है।
एक तरफ जहां सत्ता पक्ष इसे कबीर के असली चेहरे का खुलासा बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ हुमायूं कबीर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने शुरू से ही इस वीडियो को 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' द्वारा निर्मित एक फर्जी वीडियो करार दिया है और इसे अपनी छवि बिगाडऩे की साजिश बताया है। चुनाव के इस दौर में मुर्शिदाबाद से लेकर बीरभूम तक फैली इस कानूनी और राजनीतिक जंग ने चुनावी समीकरणों को उलझा दिया है। विपक्षी दलों और अल्पसंख्यक संगठनों की इस सक्रियता ने हुमायूं कबीर के राजनीतिक भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह मामला न केवल अदालती गलियारों में बल्कि चुनावी रैलियों में भी मुख्य मुद्दा बना रहेगा, जिससे ध्रुवीकरण की राजनीति को और बल मिल सकता है। फिलहाल, पुलिस की शुरुआती जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं कि क्या यह वीडियो वाकई तकनीकी छेड़छाड़ का परिणाम है या इसमें छिपी सच्चाई कुछ और है।