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बेड पर मिला लहूलुहान शव, प्रेमिका और दोस्त सलाखों के पीछे
कोलकाता। नरेंद्रपुर इलाके में सोमवार को एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई, जिसने चुनावी गहमागहमी के बीच पूरे नवग्राम क्षेत्र को दहशत से भर दिया है। यहाँ एक बंद फ्लैट के भीतर 37 वर्षीय अरूप मंडल की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मौत की खबर मिलते ही जब पुलिस मौके पर पहुँची, तो कमरे का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। अरूप का शव खून से लथपथ पड़ा था और पास ही मौत का सामान यानी आग्नेयास्त्र भी मौजूद थे।
पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की कथित प्रेमिका प्रियंका दास और उसके एक करीबी दोस्त राजू को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती तफ्तीश में यह मामला त्रिकोणीय प्रेम संबंधों या आपसी रंजिश की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस को फ्लैट की तलाशी के दौरान दो अवैध हथियार और छह राउंड जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि हत्या की साजिश बेहद पेशेवर तरीके से या फिर पूरी तैयारी के साथ रची गई थी। मृतक अरूप मंडल के परिवार के लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं थी। उनके मामा शंकर नस्कर ने बताया कि रविवार की आधी रात को एक गुमनाम फोन कॉल के जरिए उन्हें अरूप की मौत की इत्तला मिली। परिवार का कहना है कि अरूप काम के सिलसिले में इस फ्लैट में अकेला रहता था और उन्हें उसके निजी रिश्तों या दुश्मनी के बारे में कोई भनक नहीं थी। हालांकि, पुलिस को अरूप के सिर पर चोट के निशान भी मिले हैं, जिससे यह अंदेशा गहरा गया है कि गोली मारने से पहले कातिलों ने उसके साथ जमकर मारपीट की थी और उसे संभलने का मौका तक नहीं दिया।
फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य केंद्र अब यह है कि क्या प्रियंका और राजू के बीच की नजदीकियां अरूप की मौत की वजह बनीं, या फिर इस खूनी खेल के पीछे कोई और बड़ा राज छिपा है। राज्य में जारी चुनावी सरगर्मी के बीच एक रिहायशी इलाके में हथियारों की बरामदगी और इस तरह की दुस्साहसिक वारदात ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।