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राजाबाजार से हथियारों का जखीरा बरामद, बालीगंज में 25 लाख जब्त
कोलकाता। चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। शनिवार को एसटीएफ ने शहर के राजाबाजार इलाके में छापेमारी कर अवैध हथियारों की एक बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल मतदान के दौरान हिंसा और अशांति फैलाने के लिए किया जाना था। इस मामले में बिहार के एक हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जिससे नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की टीम ने राजाबाजार साइंस कॉलेज के पास एक बस स्टैंड पर जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध आरोपी वहां पहुंचा, अधिकारियों ने उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास मौजूद बैग से 6 वन-शॉटर (बंदूकें और 14 राउंड जिंदा कारतूस (8 एमएम) बरामद किए गए।
जांचकर्ताओं के अनुसार, यह खेप चुनाव के दौरान किसी खास इलाके में अशांति पैदा करने के लिए मंगवाई गई थी। हथियारों की बरामदगी के साथ-साथ शहर में भारी मात्रा में बेहिसाब नकदी का मिलना भी जारी है। दक्षिण कोलकाता के पॉश इलाके बालीगंज में नाका चेकिंग के दौरान पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी। आशुतोष चौधरी एवेन्यू और गुरुसदय दत्त रोड के मोड़ पर एक संदिग्ध कार को रोककर जब तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। कार के भीतर से करीब 25 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। चालक नकदी के स्रोत और उद्देश्य के बारे में कोई पुख्ता दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा हाल ही में बाहरी राज्यों से हथियारों और ड्रग्स की तस्करी को लेकर दी गई चेतावनी के बाद पुलिस और केंद्रीय बल विशेष रूप से सतर्क हैं। कोलकाता के प्रवेश द्वारों और संवेदनशील मोड़ों पर 24 घंटे नाका चेकिंग की जा रही है। एसटीएफ और प्रवर्तन एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि राजाबाजार से पकड़े गए हथियारों और बालीगंज से मिली नकदी के बीच क्या कोई सीधा संबंध है। चुनाव से ठीक पहले हथियारों और नकदी की इन बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
हालांकि, एसटीएफ की इस त्वरित कार्रवाई ने संभावित हिंसक घटनाओं को टालने में मदद की है। 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के मद्देनजर पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि मतदाता निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।