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डीसीपी शांतनु के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी
कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन की आहट के बीच प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ा धमाका हुआ है। ईडी ने कोलकाता पुलिस के डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है। केंद्रीय एजेंसी को आशंका है कि चर्चित सोना पप्पू सिंडिकेट मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसने के डर से शांतनु देश छोड़कर भाग सकते हैं। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शांतनु सिन्हा विश्वास को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता है और वे लंबे समय तक कालीघाट थाने के प्रभारी रह चुके हैं।
प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई सोना पप्पू नामक हिस्ट्रीशीटर और रियल एस्टेट डेवलपर से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच का हिस्सा है। सोना पप्पू पर आरोप है कि उसने फ्लैट देने के नाम पर आम लोगों से करोड़ों की ठगी की और उस पैसे को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इधर-उधर किया। इस सिंडिकेट की जांच के दौरान ईडी को डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास के साथ संदिग्ध लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं। पिछले महीने ही ईडी ने उनके गोलपार्क स्थित आवास सहित कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए थे। सोना पप्पू कोलकाता का एक कुख्यात अपराधी रहा है, जिस पर हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। फरवरी 2026 में कंकुलिया रोड पर हुए भीषण बमबारी और गोलीबारी कांड में भी उसका नाम प्रमुखता से आया था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस के संरक्षण के कारण ही पप्पू इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने में सफल रहा। 2017 में एक हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बावजूद वह जल्द ही जमानत पर बाहर आ गया था। शांतनु सिन्हा विश्वास की भूमिका पर सवाल इसलिए भी गहरे हैं क्योंकि वे न केवल भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के सुरक्षा समीकरणों को देखते थे, बल्कि हाल ही में ममता सरकार के राजनीतिक धरने के दौरान वे सीधे मंच पर भी नजर आए थे। हालांकि उस समय कोलकाता पुलिस ने तर्क दिया था कि वे सुरक्षा कारणों से वहां मौजूद थे, लेकिन अब ईडी की कार्रवाई ने उनकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद देश के सभी हवाई अड्डों और बंदरगाहों को अलर्ट कर दिया गया है। राज्य की राजनीति में इसे ममता बनर्जी के सुरक्षा चक्र पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। चुनाव परिणामों के बाद जहाँ एक ओर राजनीतिक हिंसा की खबरें आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर शीर्ष स्तर के पुलिस अधिकारी के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई ने बंगाल की प्रशासनिक मशीनरी में हड़कंप मचा दिया है। ईडी अब इस मामले में शांतनु सिन्हा विश्वास की संपत्तियों की कुर्की और उनसे जुड़ी अन्य कडिय़ों को जोडऩे की तैयारी में है।