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हालांकि, सेवा बहाल होने के बाद भी ट्रेनों के शेड्यूल में मामूली देरी देखी गई, जिसे शाम तक सामान्य कर लिया गया
कोलकाता। महानगर में गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश और चक्रवाती हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कुदरत की इस मार का सीधा असर कोलकाता मेट्रो की सेवाओं पर पड़ा, जिससे हजारों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। महानायक उत्तम कुमार (टॉलीगंज) और नेताजी (कुदघाट) स्टेशनों के बीच डाउन लाइन पर एक विशाल पेड़ ट्रैक पर गिर जाने के कारण मेट्रो परिचालन करीब डेढ़ घंटे तक पूरी तरह ठप रहा।
मेट्रो रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एस.एस. कन्नन ने बताया कि दोपहर 2 बजकर 37 मिनट पर आए तेज अंधड़ के कारण एक भारी पेड़ उखड़कर सीधे मेट्रो के तीसरे रेल (बिजली की लाइन) और ट्रैक पर जा गिरा। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस ट्रैक पर कोई ट्रेन मौजूद नहीं थी, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। पेड़ गिरते ही सुरक्षा के लिहाज से तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। ट्रैक बाधित होने के कारण मेट्रो सेवा दो हिस्सों में बंट गई। दक्षिणेश्वर से महानायक उत्तम कुमार स्टेशन तक तो ट्रेनें चलती रहीं, लेकिन टॉलीगंज से कवि सुभाष (न्यू गरिया) के बीच परिचालन पूरी तरह बंद करना पड़ा।
इस दौरान दफ्तरों से लौटने वाले और जरूरी काम से निकले यात्रियों को स्टेशनों पर फंसना पड़ा। बस स्टैंडों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे यातायात का दबाव सड़क मार्ग पर बढ़ गया। हादसे की सूचना मिलते ही मेट्रो के तकनीकी और आपदा प्रबंधन दल के सदस्य मौके पर पहुंचे। भारी बारिश के बीच कटर और आधुनिक उपकरणों की मदद से पेड़ को काटकर ट्रैक से हटाने का काम शुरू किया गया। करीब 1 घंटे 16 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक को साफ किया जा सका।
मेट्रो अधिकारियों ने पूरी जांच के बाद शाम 3 बजकर 53 मिनट पर बिजली आपूर्ति बहाल की और दोनों लाइनों पर ट्रेनों का आवागमन फिर से शुरू हुआ। हालांकि, सेवा बहाल होने के बाद भी ट्रेनों के शेड्यूल में मामूली देरी देखी गई, जिसे शाम तक सामान्य कर लिया गया।