राज्य में जारी हिंसा के दौर में इस नई वारदात ने प्रशासन की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है
कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट और जारी राजनीतिक तनाव के बीच उत्तर 24 परगना के बरानगर में हिंसा की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। बरानगर के 24 नंबर वार्ड स्थित नैनान पाड़ा इलाके में बुधवार रात भाजपा के एक स्थानीय नेता पर उनके घर के ठीक सामने भोजाली से जानलेवा हमला किया गया। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीच-बचाव करने आई उनकी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा और उन्हें भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल भाजपा नेता की पहचान सोमनाथ धर के रूप में हुई है, जो इलाके में भाजपा के बूथ अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि बुधवार रात जब सोमनाथ अपने घर के पास थे, तभी स्थानीय निवासी शुभंकर और रंजीत धर अचानक वहां पहुंचे। इससे पहले कि सोमनाथ कुछ समझ पाते, हमलावरों ने उन्हें जमीन पर पटक दिया और भुजाली से उनके पेट और पैरों पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।
इस हमले के पीछे मकान पर कब्जे और प्रमोटिंग से जुड़ा पुराना विवाद बताया जा रहा है। सोमनाथ के परिवार का दावा है कि शुभंकर और रंजीत लंबे समय से उन पर अपने घर का एक हिस्सा छोडऩे के लिए दबाव बना रहे थे। सोमनाथ द्वारा इसका लगातार विरोध किए जाने के कारण आरोपी उनसे रंजिश पाले हुए थे। भाजपा समर्थकों का यह भी मानना है कि चुनाव परिणामों के बाद सोमनाथ को डराने और इलाके में वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया गया। हमले के दौरान सोमनाथ की चीख सुनकर जब उनकी बहन उन्हें बचाने दौड़ी, तो हमलावरों ने उन पर भी वार कर दिया। लहूलुहान हालत में बहन ने बताया, कि मैंने देखा कि पिता और बेटा मिलकर मेरे भाई को बेरहमी से मार रहे थे। जब मैं उन्हें रोकने गई तो उन्होंने मुझ पर भी हमला किया। मेरे हाथ में गहरे जख्म हैं और टांके लगाने पड़े हैं। घटना के बाद पूरे नैनान पाड़ा इलाके में भारी तनाव व्याप्त है। सूचना मिलते ही बरानगर थाना पुलिस की एक विशाल टीम मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है, हालांकि घटना के बाद से ही दोनों फरार बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी रोष है। राज्य में जारी हिंसा के दौर में इस नई वारदात ने प्रशासन की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।