वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में सनसनी खेज खुलासा
कोलकाता। चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। जांच एजेंसियों का प्रारंभिक अनुमान है कि हत्या में इस्तेमाल की गई चारपहिया गाड़ी झारखंड से पश्चिम बंगाल लाई गई थी। इतना ही नहीं, इसी गाड़ी के भीतर से ऑनलाइन भुगतान भी किया गया था। यह भुगतान बाली टोल प्लाजा पर यूपीआई के जरिए किया गया। अब पुलिस इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन किया है। इस टीम में स्पेशल टास्क फोर्स और सीआईडी के अधिकारी भी शामिल हैं। जांच टीम के कुछ सदस्य आरोपियों की तलाश में उत्तर प्रदेश भी पहुंचे हैं। वहीं बंगाल में भी लगातार नए इनपुट मिल रहे हैं, जिससे पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हो जाएगा। पुलिस ने बाली टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं और उन्हें खंगाला जा रहा है। यूपीआई भुगतान के जरिए जुड़े मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स की भी जांच हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। गौरतलब है कि 6 मई की रात मध्यग्राम में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, चंद्रनाथ की कार के सामने अचानक एक दूसरी कार आकर रुक गई, जिससे उनकी गाड़ी को रुकना पड़ा। तभी दो बाइक पर सवार बदमाश दोनों ओर से पहुंचे और चंद्रनाथ व उनके ड्राइवर पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। मौके पर ही चंद्रनाथ की मौत हो गई, जबकि उनका ड्राइवर गंभीर रूप से घायल होकर अब भी अस्पताल में भर्ती है। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस हत्या के लिए तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का नाम लेते हुए सवाल उठाए हैं।
दूसरी ओर तृणमूल ने घटना की निंदा करते हुए अदालत की निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि इसकी साजिश कम से कम डेढ़ महीने पहले रची गई थी।
जांचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि चंद्रनाथ रथ से किसकी दुश्मनी थी और हाल के दिनों में उनका किसी से विवाद हुआ था या नहीं। हत्या में इस्तेमाल की गई कार और बाद में बरामद दोनों बाइकों पर लगे नंबर प्लेट फर्जी पाए गए हैं। पुलिस का मानना है कि जांच को भटकाने के लिए जानबूझकर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया गया।