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'राहुल गांधी के सामने हाथ जोडऩा पड़ेगा'
कोलकाता। बंगाल की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है। अधीर ने दावा किया कि ममता बनर्जी का राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है और जल्द ही उन्हें कांग्रेस के सामने झुकना पड़ेगा।
अधीर रंजन चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि बंगाल में बदलाव की हवा चल रही है और ममता बनर्जी अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दीदी को राहुल गांधी के सामने हाथ जोड़कर खड़ा होना पड़ेगा। अधीर के मुताबिक, जब ममता बनर्जी वाममोर्चा को सत्ता से हटाने के लिए संघर्ष कर रही थीं, तब उन्होंने नक्सलियों का साथ लिया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद किशनजी जैसे लोगों का क्या हुआ, यह सब जानते हैं। अब जब वह खुद मुश्किलों में हैं, तो बचाओ-बचाओ का शोर मचा रही हैं। हाल ही में रवींद्र जयंती के अवसर पर ममता बनर्जी ने भाजपा के खिलाफ वाम दलों और अन्य विपक्षी ताकतों से एकजुट होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि उनके मन में कोई अहंकार नहीं है और वह दिल्ली से बंगाल तक संयुक्त लड़ाई के लिए तैयार हैं।
ममता की इसी अपील पर पलटवार करते हुए अधीर ने कहा कि बंगाल की जनता अब उन्हें आंदोलनकारी नेता के रूप में स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने चुनौती दी कि मुख्यमंत्री के घर शाम को जुटने वाली भीड़ ही बताएगी कि उनका जनाधार कितना बचा है। जहाँ ममता बनर्जी ने वाम और अतिवाम दलों से साथ आने की अपील की है, वहीं वाम दलों ने फिलहाल इस पर कोई खास उत्साह नहीं दिखाया है। वामपंथी दल फिलहाल एकला चलो की नीति पर ही चलते दिख रहे हैं। अधीर रंजन के इस ताजा बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन की चर्चाओं के बीच, बंगाल की जमीन पर कांग्रेस और टीएमसी के बीच की खाई अभी भी बहुत गहरी है।