प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान
चीन-बांग्लादेश सीमा पर 45 दिन में शुरू होगा फेंसिंग का काम
कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब देश की सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे 'चिकन नेक' कहा जाता है, उसकी सुरक्षा को लेकर नई सरकार ने बड़ा संदेश दिया है। उत्तर बंग विकास मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने मंगलवार को साफ कहा कि चिकन नेक की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह नए सिरे से मजबूत किया जाएगा और इस मामले में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। चिकन नेक भारत का वह संकरा भूभाग है जो पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि इसके चारों ओर नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और चीन स्थित हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से मानते रहे हैं कि यह क्षेत्र भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई बार चिकन नेक की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि देश विरोधी ताकतें और 'टुकड़े-टुकड़े गैंगÓ इस संवेदनशील क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने तत्कालीन राज्य सरकार पर सुरक्षा मामलों में सहयोग न करने का आरोप भी लगाया था।
अब नई भाजपा सरकार इस क्षेत्र में तेज़ी से काम शुरू करने के संकेत दे रही है। मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि अगले 45 दिनों के भीतर आवश्यक जमीन अधिग्रहण कर केंद्र सरकार को सौंप दी जाएगी, ताकि सीमा क्षेत्रों में अधूरी फेंसिंग का काम तेजी से पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि जहां-जहां अब तक बाड़ नहीं लग सकी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर फेंसिंग की जाएगी। इससे सीमा पार घुसपैठ पर रोक लगेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र पहले से अधिक मजबूत होगा।
मंत्री ने दावा किया कि इस चुनाव का एक बड़ा मुद्दा भारत की आंतरिक सुरक्षा और बदलते जनसांख्यिकीय संतुलन को बचाना भी था। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 450 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फेंसिंग कराने का वादा किया था और जनता ने इस मुद्दे को समझते हुए समर्थन दिया। निशीथ प्रमाणिक ने रोहिंग्या घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना फेंसिंग वाले इलाकों से अवैध प्रवेश कर देश की जनसंख्या संरचना को प्रभावित करने की कोशिश की गई। हालांकि इस दावे पर विपक्ष की ओर से पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सिलीगुड़ी कॉरिडोर लंबे समय से आतंकवादी संगठनों और तस्करी नेटवर्क के निशाने पर रहा है। इसके अलावा बांग्लादेश सीमा के पास चीन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर भी केंद्र सरकार सतर्क है। ऐसे में इस क्षेत्र को लेकर नई सरकार का आक्रामक रुख रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में चिकन नेक क्षेत्र में फेंसिंग, निगरानी तंत्र, सड़क संपर्क, सुरक्षा चौकियों और केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर कई बड़े फैसले सामने आ सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि भाजपा सरकार अपने वादों को जमीन पर कितनी तेजी से उतारती है।