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जुर्माने के खौफ से चालकों में मची खलबली
कोलकाता। महानगर की सड़कों पर दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए कोलकाता पुलिस ने कमर कस ली है। शहर में बिना हेलमेट बाइक या स्कूटर चलाने वालों के खिलाफ शुरू किए गए विशेष चेकिंग अभियान और भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई का असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है। पुलिस के इस सख्त और कड़े रुख के कारण वाहन चालकों के व्यवहार में रातों-रात बड़ा बदलाव आया है, जिसका सीधा असर अब शहर के बाजारों और हेलमेट दुकानों पर देखने को मिल रहा है।
पुलिस के सभी ट्रैफिक गार्ड क्षेत्रों में इन दिनों सुबह से लेकर देर रात तक विशेष नाकेबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पहले जहां लोग स्थानीय स्तर पर या छोटी दूरी तय करते समय हेलमेट पहनने से कतराते थे, अब वे पुलिसिया कार्रवाई और चालान के डर से खुद ही नियमों का पालन करने को मजबूर हो रहे हैं। पुलिस टीम द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वालों के मौके पर ही ई-चालान काटे जा रहे हैं। हाल ही में एक ही ट्रैफिक गार्ड क्षेत्र के अंतर्गत महज एक दिन के भीतर दर्जनों लापरवाह बाइक सवारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई, जिससे नियम तोडऩे वालों में हड़कंप मच गया है।
प्रशासन की इस चौतरफा सख्ती का सबसे दिलचस्प नजारा हेलमेट के बाजारों में देखने को मिल रहा है। कोलकाता के विभिन्न इलाकों में स्थित हेलमेट की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, पिछले कुछ ही दिनों के भीतर हेलमेट की मांग और बिक्री में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जो लोग अब तक बिना हेलमेट के ही सड़कों पर फर्राटा भरते थे, वे अब खुद को जुर्माने से बचाने और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आईएसआई मार्क वाले नए हेलमेट खरीदने के लिए दुकानों पर कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
यातायात विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती दिनों में बड़े पैमाने पर चालान काटने का मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों के भीतर नियमों के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना है। पुलिस ने साफ किया है कि यह अभियान केवल राजस्व या जुर्माना वसूलने के लिए नहीं है, बल्कि इसका असली मकसद सड़क दुर्घटनाओं के दौरान होने वाली मौतों और सिर की गंभीर चोटों से लोगों की जान बचाना है।
पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और ज्यादा कड़ा किया जाएगा, जिसमें बाइक के पीछे बैठने वाली सवारी (पिलियन राइडर) के लिए भी हेलमेट की अनिवार्यता को सख्ती से परखा जाएगा। इसके साथ ही कई इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए अवैध पार्किंग के खिलाफ भी समानांतर कार्रवाई की जा रही है।