वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
पीडब्ल्यूडी ठेकेदार की चेतावनी-इसे तुरंत हटाना ही सुरक्षित
कोलकाता। महानगर के लेकटाउन इलाके में वीआईपी रोड अंडरपास के ऊपर स्थापित फुटबॉल के महानायक लियोनेल मेसी की विशालकाय प्रतिमा को लेकर सोमवार को अचानक हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह जब इलाके में तेज हवाएं चलीं, तो स्थानीय लोगों ने देखा कि करीब 70 फुट ऊंची यह भारी-भरकम प्रतिमा हवा के झोंकों के साथ खतरनाक तरीके से हिल रही है। आसमान छूते इस ढांचे को डोलता देख आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। मामला गरमाते ही कोलकाता पुलिस और लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारी व इंजीनियरों की टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची और पूरे ढांचे का बारीकी से निरीक्षण किया।
जांच के लिए पहुंचे पीडब्ल्यूडी ठेकेदार प्रवीर पाल ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि प्रतिमा के फाउंडेशन बोल्ट में गंभीर खराबी आ चुकी है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यह ढांचा बेहद जोखिमभरी स्थिति में है और कभी भी भरभराकर नीचे गिर सकता है, इसलिए आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से इसे यहाँ से तुरंत हटाना ही सबसे बेहतर और सुरक्षित विकल्प होगा।
ठेकेदार प्रवीर पाल ने मौके की भयावहता बयां करते हुए बताया कि तेज हवा चलते ही मेसी की पूरी प्रतिमा किसी खिलौने की तरह हिलने लगती है और उसके दोनों पैर ऊपर-नीचे डोल रहे हैं। जमीन के भीतर धंसे इसके मुख्य फाउंडेशन बोल्ट की मौजूदा हालत क्या है, यह बिना खोदे स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। अगर इसे नए सिरे से री-इंजीनियरिंग कर मजबूत नहीं किया गया, तो यह भारी ढांचा एक बड़े हादसे को दावत दे रहा है। पीडब्ल्यूडी इस पूरी स्थिति की एक विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपने जा रही है, जिसके बाद इसे हटाने या मरम्मत करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
गौरतलब है कि इस भव्य प्रतिमा का इतिहास शुरुआत से ही विवादों और हाई-प्रोफाइल राजनीति से घिरा रहा है। पिछले साल दिसंबर में जब खुद लियोनेल मेसी कोलकाता आए थे, तब उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर अपनी इस गगनचुंबी प्रतिमा का अनावरण किया था। इस पूरे प्रोजेक्ट के पीछे पूर्व मंत्री सुजीत बोस की मुख्य भूमिका थी, जिन्हें हाल ही में पुलिस ने बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया है। इस सरकारी जमीन पर प्रतिमा निर्माण को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में मामला भी लंबित है।
इस प्रतिमा के हिलने की घटना ने मेसी के उस विवादित कोलकाता दौरे की यादों को भी ताजा कर दिया है, जो खुद एक बड़ी कानूनी और प्रशासनिक फजीहत में बदल गया था। उस वक्त साल्टलेक स्टेडियम में मेसी को देखने के लिए हजारों दर्शकों ने बेहद महंगे टिकट खरीदे थे, लेकिन मेसी मैदान पर सिर्फ 16 मिनट ही बिता पाए और सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उन्हें बाहर ले जाया गया था। इसके बाद भड़के दर्शकों ने स्टेडियम में कुर्सियां तोड़कर और बोतलें फेंककर भारी उत्पात मचाया था, जिसकी गूंज भी हाईकोर्ट की जनहित याचिका तक पहुंची थी। अब जबकि प्रतिमा का आधार ही हिलने लगा है, तो इस पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वीआईपी रोड जैसी व्यस्त सड़क के मुहाने पर लगी यह प्रतिमा अगर गिरती है तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है, इसलिए प्रशासन को बिना किसी देरी के इस खतरनाक घोषित हो चुके ढांचे पर कड़ा एक्शन लेना चाहिए।