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आंधी के डर से रस्सियों से बांधी गई विशाल मूर्ति
कोलकाता। लेकटाउन इलाके में फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी के सम्मान में स्थापित की गई 44 फुट ऊंची विशालकाय मूर्ति को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारना लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों के लिए एक बड़ा सिरदर्द और चुनौती बन गया है। हाल ही में विशेषज्ञों की टीम द्वारा किए गए बार-बार के तकनीकी निरीक्षण के बाद एक बेहद पेचीदा मामला सामने आया है। दरअसल, जिस जगह पर यह विशालकाय मूर्ति खड़ी है, उसके ठीक नीचे एक सबवे बना हुआ है। इंजीनियरों का मानना है कि मूर्ति को उतारने के लिए अगर वहां भारी-भरकम हाइड्रोलिक क्रेन बुलाई जाती है, तो उसके अत्यधिक वजन से नीचे का सबवे धंस सकता है और कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा, मूर्ति के पिछले हिस्से की ओर जाने वाले रास्ते बेहद संकरे हैं, जिससे क्रेन या अन्य भारी मशीनों को वहां तक ले जाना पूरी तरह असंभव साबित हो रहा है।
इस बीच, मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश की आशंका जताए जाने के बाद प्रशासन की चिंताएं और बढ़ गई हैं। तेज हवाओं के दबाव से इतनी ऊंची मूर्ति के गिरने का खतरा बना हुआ था। इसी को देखते हुए एहतियात के तौर पर फिलहाल पूरी मूर्ति को दर्जनों मोटे-मोटे बांसों और मजबूत रस्सियों के सहारे चारों तरफ से कसकर बांध दिया गया है, ताकि उसे कोई नुकसान न पहुंचे। इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर मूर्ति के पीछे वाले संकरे रास्ते को आम यातायात और पैदल चलने वालों के लिए पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस गतिरोध को सुलझाने के लिए पीडब्लूडी इंजीनियरों और ढांचागत विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय टीम दोबारा घटना स्थल का मौका-मुआयना करने पहुंचेगी। इस अंतिम दौरे के बाद ही यह बड़ा फैसला लिया जाएगा कि क्या बेहद सावधानी के साथ मूर्ति को किसी वैकल्पिक तकनीक से नीचे उतारा जाए, या फिर उसी स्थान पर कड़े सुरक्षा मानकों के तहत आवश्यक मरम्मत करके उसे हमेशा के लिए सुरक्षित तरीके से पुन: स्थापित कर दिया जाए। फिलहाल, फुटबॉल प्रेमियों की पसंदीदा इस विशाल मूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।