वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
बंद मकान का ताला खोलकर की घंटों तलाशी
कोलकाता। सत्ता परिवर्तन के बाद से ही तृणमूल के बड़े नेताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार को राज्य की सियासत में उस वक्त एक और बड़ा भूचाल आ गया, जब बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट की एक विशाल टीम अचानक कमारहाटी से तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर विधायक मदन मित्र के आवास 'उदय विलाÓ पर धमक पड़ी। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुए इस औचक छापे के बाद पूरे राज्य के राजनीतिक गलियारों में अटकलें और सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा, वित्तीय भ्रष्टाचार और फर्जी हस्ताक्षर जैसे मामलों में घिरे तृणमूल नेतृत्व पर चौतरफा कसते शिकंजे के बीच मदन मित्र के घर हुई इस कार्रवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के डिप्टी कमिश्नर (दक्षिण) द्युतिर्मान भट्टाचार्य के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों की एक विशेष टीम रविवार दोपहर करीब एक बजे कमारहाटी स्थित 'उदय विलाÓ पहुंची थी। शुरुआती तौर पर जब पुलिस वहां पहुंची तो मदन मित्र का यह मकान पूरी तरह बंद था। इसके बाद पुलिस टीम ने कुछ समय तक इंतजार किया और सभी आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद परिसर के भीतर प्रवेश किया। लगभग कई घंटों तक चले इस गहन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने पूरे परिसर को अपने घेरे में ले रखा था। बताया जाता है कि इस 'उदय विलाÓ भवन से ही मदन मित्र का मुख्य राजनीतिक कार्यालय भी संचालित होता है, जिसके कारण यह परिसर हमेशा से राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।
प्रारंभिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मदन मित्र के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई केंद्र सरकार की एक बेशकीमती जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा करने की शिकायत के आधार पर की गई है। जांच एजेंसियों के संज्ञान में यह गंभीर आरोप आया है कि जिस भूखंड पर मदन मित्र का यह आलीशान 'उदय विलाÓ खड़ा है, वह जमीन वास्तव में केंद्र सरकार से जुड़ी एक प्रमुख संस्था की है। आरोप है कि साल 2011 में राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनने के बाद, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के नाम पर इस जमीन को लिया गया था, लेकिन बाद में कथित रूप से नियमों को ताक पर रखकर इस पर पूरी तरह कब्जा कर लिया गया और वहाँ निजी व राजनीतिक गतिविधियां संचालित होने लगीं।
जिस वक्त पुलिस मदन मित्र के कमारहाटी वाले आवास पर छापेमारी कर रही थी, उस समय विधायक खुद मौके पर मौजूद नहीं थे। उनके करीबी सूत्रों ने बताया कि वह फिलहाल दक्षिण कोलकाता स्थित अपने दूसरे आवास पर थे और शाम को कालीघाट में ममता द्वारा बुलाई गई आपातकालीन सांगठनात्मक बैठक में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। इस मैराथन तलाशी के दौरान पुलिस द्वारा कुछ बेहद महत्वपूर्ण और जमीन से जुड़े विवादित दस्तावेज जब्त किए जाने की भी भारी चर्चा है। हालांकि, बैरकपुर पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से इस जब्ती की सूची जारी नहीं की गई है।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ठीक एक दिन पहले शनिवार को सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ था और सोमवार को ही फर्जी हस्ताक्षर विवाद में सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को भवानी भवन तलब किया है। इससे पहले कुणाल घोष और नयना बंद्योपाध्याय के घरों पर भी सीआईडी दस्तक दे चुकी है। ऐसे में मदन मित्र के घर पुलिस की इस एंट्री ने राज्य के सियासी तापमान को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में बैरकपुर पुलिस का अगला कदम क्या होता है और हमेशा अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाने वाले मदन मित्र इस पर क्या पलटवार करते हैं।