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बुधवार सुबह पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिलीप घोष ने कहा, "यह कोई बहुत बड़ा आयोजन नहीं था। यह जबरदस्ती कराया गया कार्यक्रम था। पार्टी के सांसद और विविधायक भी इसमें शामिल नहीं हुए।
कोलकाता। राज्य के पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी के धरने पर कटाक्ष किया है। बुधवार सुबह पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिलीप घोष ने कहा, "यह कोई बहुत बड़ा आयोजन नहीं था। यह जबरदस्ती कराया गया कार्यक्रम था। पार्टी के सांसद और विविधायक भी इसमें शामिल नहीं हुए। केवल वही लोग वहां मौजूद थे, जिनके पास जाने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं थी और जो विशेष लाभ पाने वाले हैं। उनके (ममता) साथ कोई नहीं है।"
दिलीप घोष ने आगे कहा, "जो लोग कभी हमारे नेताओं के नाम लेकर गालियां दिया करते थे, वही अब उन्हें माला पहना रहे हैं और उनका आशीर्वाद ले रहे हैं। समय बदलता है, लेकिन उन्होंने क्या-क्या किया है, यह जनता जानती है। जनता जब इसका मूल्यांकन और फैसला करेगी, वह सही होगा। इसके विपरीत निर्णय लेने वाले हम कौन होते हैं?"
गुजरात के 70 प्रतिशत मकानों को अवैध बताए जाने संबंधी ममता बनर्जी के आरोप पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "क्या वह स्वयं जाकर जांच करके आई हैं कि वे मकान वैध हैं या अवैध? उनके अपने घर ही अवैध हैं—पहले इस बात को ध्यान में रखें।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के बाद तथा गठित हिंसा के खिलाफ मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस द्वारा कोलकाता में आयोजित धरना प्रदर्शन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल हुई थी। हालांकि बुलावे के बावजूद पार्टी के अधिकांश सांसद और विधायक इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।