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पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के रसूखदार पूजा पंडाल पर संकट के बादल
कोलकाता। कोलकाता की सबसे रसूखदार और भव्य दुर्गापूजाओं में शुमार सुरुचि संघ अब एक बेहद गंभीर और अभूतपूर्व कानूनी विवाद के भंवर में फंस गया है। देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम ने सुरुचि संघ क्लब पर उसकी लगभग 21 क_ा बेशकीमती जमीन पर वर्षों से अवैध कब्जा जमाने का बेहद संगीन आरोप लगाया है। एलआईसी का दावा है कि जिस जमीन पर हर साल करोड़ों रुपये के बजट वाली हाई-प्रोफाइल दुर्गापूजा का पंडाल सजता है और क्लब की तमाम गतिविधियां संचालित होती हैं, वह असल में एलआईसी की मलकियत है। इस मामले में शनिवार को एलआईसी के शीर्ष अधिकारियों ने सीधे तौर पर मोर्चा संभालते हुए कोलकाता के अलिपुर थाने में सुरुचि संघ के खिलाफ एक आधिकारिक लिखित शिकायत (एफआईआर) दर्ज करा दी है, जिसने राज्य के सियासी और सामाजिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।
अलिपुर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, एलआईसी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी 21 क_ा जमीन को चारों तरफ से घेरकर न केवल उस पर अवैध कब्जा किया गया, बल्कि वहां बिना किसी अनुमति के बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण भी कर लिए गए हैं। एलआईसी का कहना है कि वे अपनी इस बहुमूल्य राष्ट्रीय संपत्ति को वापस पाने के लिए अब हर स्तर पर कानूनी कार्रवाई को तेज कर रहे हैं। गौरतलब है कि सुरुचि संघ क्लब को सीधे तौर पर राज्य के पूर्व कद्दावर मंत्री अरूप विश्वास और उनके भाई स्वरूप विश्वास का वरदहस्त प्राप्त है। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में जब हाल ही में स्वरूप विश्वास की गिरफ्तारी हुई है, उसके ठीक बाद इस क्लब के खिलाफ एलआईसी की इस बड़ी कार्रवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एलआईसी के प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस बहुमूल्य भूखंड को वापस लेने के लिए विभाग की ओर से पिछले कई वर्षों में कई बार प्रशासनिक और कानूनी प्रयास किए गए। मामला अदालत की चौखट तक भी पहुंचा, लेकिन ऊंचे रसूख और राजनीतिक दबाव के चलते आज तक एलआईसी को अपनी ही जमीन का भौतिक कब्जा वापस नहीं मिल सका था। एलआईसी का आरोप है कि इस विवादित जमीन पर एक आलीशान बहुमंजिला इमारत तक खड़ी कर दी गई है, जिसमें कई वातानुकूलित कमरे और आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जबकि इसके नक्शे या निर्माण को लेकर एलआईसी से कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया था।
इस बड़े भूमि घोटाले के उजागर होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर भी क्लब के खिलाफ कई अन्य सनसनीखेज आरोप सामने आने लगे हैं। इलाके के कुछ चश्मदीदों और स्थानीय सूत्रों का दावा है कि एलआईसी परिसर के भीतर बने इसी अवैध भवन से भारी मात्रा में सरकारी योजनाओं से जुड़ी सामग्रियां बरामद हुई हैं। इनमें सरकारी सील लगी पानी की बोतलें और गरीब कल्याण व राहत वितरण के लिए आने वाली साडिय़ों का भारी स्टॉक शामिल है, जिन्हें अवैध रूप से वहां डंप करके रखा गया था। हालांकि, पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से इन सामग्रियों की बरामदगी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और न ही विश्वास बंधुओं की तरफ से इस पर कोई सफाई आई है। लेकिन कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि एलआईसी के ये दावे अदालत में सही साबित होते हैं, तो न केवल इस अवैध इमारत पर बुलडोजर चलेगा, बल्कि आने वाले समय में सुरुचि संघ के भव्य दुर्गापूजा आयोजन के भविष्य पर भी पूर्णविराम लग सकता है। फिलहाल अलिपुर थाना पुलिस ने एलआईसी की शिकायत के आधार पर मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।