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लाइन में लगकर मंत्री इंद्रनील खां ने खाया 5 रुपये का 'मां आहार'
कोलकाता। राजनीति और सत्ता के गलियारों में अमूमन मंत्रियों को भारी सुरक्षा तामझाम, कड़े वीआईपी प्रोटोकॉल और विशेष खातिरदारी के बीच ही देखा जाता है। लेकिन रविवार को महानगर के बेहाला इलाके में बंगाल सरकार के नवनियुक्त मंत्री डॉ. इंद्रनील खां का एक ऐसा सादगी भरा अंदाज देखने को मिला, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। बेहाला पश्चिम से नवनिर्वाचित विधायक और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री डॉ. इंद्रनील खां ने बिना किसी तड़क-भड़क के, आम नागरिकों की तरह कतार में खड़े होकर महज 5 रुपये का टोकन लिया और जमीन से जुड़े नेता की तरह मां आहार केंद्र में बैठकर दोपहर का भोजन किया।
पेशा से कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. इंद्रनील खां रविवार को बेहाला इलाके में आयोजित एक स्थानीय रक्तदान शिविर में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने आए थे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद जब वह जेम्स लॉन्ग सरणी से गुजर रहे थे, तो उन्हें तेज भूख का अहसास हुआ। इसी दौरान सड़क किनारे स्थित सरकारी मां आहार केंद्र पर उनकी नजर पड़ी। मंत्री ने बिना किसी झिझक के अपनी गाड़ी रुकवाई और सुरक्षा घेरे को दरकिनार करते हुए सीधे भोजन के लिए लाइन में लगे आम लोगों के पीछे जाकर खड़े हो गए। वहां मौजूद आम जनता और कर्मचारियों के लिए यह बेहद चौंकाने वाला पल था, क्योंकि अमूमन किसी वीआईपी या मंत्री को इस तरह सार्वजनिक सस्ते भोजन केंद्रों में कतारबद्ध देखना अकल्पनीय माना जाता है।
मंत्री ने आम लोगों के साथ बैठकर बड़े चाव से चावल और मछली का लुत्फ उठाया। भोजन करने के बाद उन्होंने इसकी गुणवत्ता की जमकर तारीफ की और कहा कि यह खाना घर जैसा स्वादिष्ट और पूरी तरह संतुलित है, जिसमें मसालों की मात्रा भी एकदम सीमित रखी गई है। उन्होंने मुस्कराते हुए यह भी कहा कि यहां जिस बेहतरीन चावल का उपयोग किया जा रहा है, वैसा ही चावल वे अपने घर में भी खाते हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में सूबे में हुए बड़े सत्ता परिवर्तन के बाद नए पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने पूर्ववर्ती सरकार की 'मां कैंटीनÓ योजना का कायाकल्प करते हुए इसका नाम बदलकर 'मां आहारÓ कर दिया है। पहले जहां इस योजना में गरीब जनता को 5 रुपये में सिर्फ चावल और अंडा परोसा जाता था, वहीं अब नई सरकार ने इसके मेन्यू में पौष्टिक मछली को भी शामिल कर दिया है। इसके अलावा राज्य में इन केंद्रों की संख्या 390 से बढ़ाकर 500 करने का फैसला किया गया है। एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से उठकर कैबिनेट तक पहुंचे डॉ. इंद्रनील खां का जनता के बीच बैठकर भोजन करने का यह वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं, जिसे लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था में सादगी और सुशासन का एक सकारात्मक और बेहद खूबसूरत संदेश मान रहे हैं।