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वामपंथी नेता के घर के बाहर हंगामा, पूर्व मेयर के घर के सामने 'पोर्क फेस्ट'
कोलकाता। वामपंथी नेता और जाने-माने अधिवक्ता विकाशरंजन भट्टाचार्य के आवास के बाहर कथित तौर पर 'पोर्क फेस्ट' किए जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कुछ वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसने राज्य के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
वायरल वीडियो में खुद को 'जाति की बात' नामक एक हिंदू संगठन का सदस्य बताने वाले कुछ लोग नेता के घर के बाहर सार्वजनिक रूप से सूअर का मांस खाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना की पृष्ठभूमि लगभग एक दशक पुरानी है, जब विकाशरंजन भट्टाचार्य ने कोलकाता के धर्मतला में धार्मिक असहिष्णुता के विरोध में सार्वजनिक रूप से गोमांस (बीफ) खाकर भारी विवाद खड़ा कर दिया था। अब उसी घटना को आधार बनाकर प्रदर्शनकारियों ने उनके घर के सामने यह अनोखा विरोध दर्ज कराया है। वायरल हुए एक अन्य वीडियो में एक युवक भट्टाचार्य के घर के सामने खड़े होकर उन्हें बाहर आने की चुनौती दे रहा है।
खुद को ब्राह्मण समुदाय से जोडऩे वाले इस युवक का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति धार्मिक सहिष्णुता के नाम पर सार्वजनिक रूप से गोमांस खा सकता है, तो उन्हें पोर्क खाने पर भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए विकाशरंजन भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी है। उन्होंने लिखा कि उन्होंने यह वीडियो देखा है, लेकिन धर्म के नाम पर इस तरह का नफरत या विभाजनकारी प्रदर्शन समाज के हित में नहीं है।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि धार्मिक सहिष्णुता और विचार स्वतंत्रता के असली अर्थ को समझने के लिए लोगों को स्वामी विवेकानंद के विचारों को पढऩे की जरूरत है।
फिलहाल इस मामले पर पुलिस या प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उकसावे की राजनीति को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।