Please wait
वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए Sudhir wins historic अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रेड रोड में भव्य आयोजन, पीएम मोदी बोले - योग मानव चेतना से जुड़ने का जरिया Sudhir wins historic झारखंड राज्यसभा चुनाव: झामुमो के बैद्यनाथ राम और निर्दलीय परिमल नथवानी विजयी Sudhir wins historic फलता हिंसा पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, बोले- कोई कानून हाथ में न ले, हमलावरों की संपत्ति भी होगी जब्त Sudhir wins historic वरिष्ठ तृणमूल नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा गिरफ्तार Sudhir wins historic फुटपाथ पर मुड़ी-घुघनी खाते दिखे मंत्री शंकर घोष Sudhir wins historic पारसी फायर टेम्पल से हटेगा अवैध कब्जा Sudhir wins historic ममता बनर्जी को एक और झटका, पूर्व मंत्री मानस भुइयां ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ी Sudhir wins historic असम में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए सीधे आधार नहीं : डॉ. हिमंत बिस्व सरमा Sudhir wins historic असम के जोरहाट में वायु सेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त, पांच जवान बलिदान Sudhir wins historic

शुभेंदु सरकार का एक महीना : अवैध घुसपैठियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए सख्त कदम

दूसरी ओर, सत्ताधारी भाजपा का कहना है कि राज्य में लंबे समय से जमे भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को खत्म करने के लिए यह सख्ती जरूरी है

09 Jun 2026

शुभेंदु सरकार का एक महीना : अवैध घुसपैठियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए सख्त कदम

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी नई सरकार के पहले एक महीने ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलावों की शुरुआत के संकेत दिए हैं। ब्रिगेड परेड मैदान में पिछले महीने 09 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने भ्रष्टाचार और अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ कई फैसले लिए।
पहले ही महीने में भाजपा सरकार ने महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना लागू की और करीब 32 लाख महिलाओं के खाते में तीन-तीन हजार रुपये आए हैं। इसके अलावा राज्य की सरकारी बसों में महिलाओं का मुफ्त सफर भी शुरू हुआ है जो नारी शक्ति के लिए बड़ी सौगात के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा सरकार के शुरुआती महीने में सबसे बड़ा फोकस भ्रष्टाचार पर कार्रवाई को लेकर रहा। विभिन्न स्तरों पर हुई जांच और कार्रवाई में कई राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों के खिलाफ कदम उठाए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, सैकड़ों लोगों पर कार्रवाई की गई, जिनमें कई बड़े नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें पूर्व मंत्री सुजीत बोस, स्वरूप विश्वास, दिलीप मंडल, जहांगीर खान, असित मजूमदार, सब्यसाची दत्त और रविंद्रनाथ चट्टोपाध्याय जैसे नाम चर्चा में रहे हैं। इसी अवधि में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय जैसी एजेंसियों की सक्रियता भी बढ़ी है। खासकर शिक्षक भर्ती घोटाले और अन्य कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से जुड़े फर्जी हस्ताक्षर मामले में पूछताछ की प्रक्रिया तेज हुई।
सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेष जांच समिति के गठन की घोषणा की है। इसके साथ ही कई मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने का निर्णय भी लिया गया है। शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए भी नए कदम उठाए गए हैं।
सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी बढ़ाने, होल्डिंग सेंटरों के निर्माण और अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी लोगों की वापसी की प्रक्रिया तेज की गई। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जमीन सौंपनी की प्रक्रिया शुरू की गई है ताकि बांग्लादेश सीमा पर तारबंदी किया जा सके।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, इस एक महीने में लगभग पांच हजार लोग सीमा पार वापस गए हैं, जबकि हजारों लोग अभी भी प्रक्रिया में हैं। सरकार का कहना है कि इससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
इस अवधि में केंद्र सरकार की कई प्रमुख योजनाओं को राज्य में लागू करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सबसे प्रमुख पहल आयुष्मान भारत योजना को लेकर है, जिसे राज्य में लागू करने के लिए समझौता किया गया है। इससे पहले यह योजना लंबे समय तक राज्य में लागू नहीं हो पाई थी। इसके साथ ही स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जन औषधि केंद्रों के विस्तार, दवा उपलब्धता बढ़ाने और कैंसर रोकथाम कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया है।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भी सरकार ने कई बड़े उद्योगपतियों और कंपनियों के साथ बातचीत शुरू की है। उद्योगपति गौतम अडानी के पुत्र करण अडानी और लार्सन एंड टुब्रो समूह के प्रमुख एस एन सुब्रह्मण्यन के साथ अलग-अलग बैठकें हुई हैं। राज्य में निवेश बढ़ाने और बंद पड़े उद्योगों को पुनर्जीवित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। हावड़ा के एक उद्योगपति असित चट्टोपाध्याय के अनुसार, “नई सरकार के आने से औद्योगिक माहौल में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।”
परियोजनाओं के स्तर पर भी कई बदलाव देखने को मिले हैं। ताजपुर बंदरगाह परियोजना के स्थान पर दादनपात्राबाड़ी में नए बंदरगाह की योजना पर काम शुरू हुआ है। टाटा समूह की वापसी को लेकर भी चर्चा तेज है, खासकर सिंगूर से जुड़े औद्योगिक संदर्भ में। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई बैठक में राज्य में लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना की बात सामने आई है। लंबे समय से रुकी हुई मेट्रो और रेल परियोजनाओं को भी फिर से गति देने का दावा किया जा रहा है।
सरकारी कर्मचारियों के हित में भी कई घोषणाए़ की गई हैं। महंगाई भत्ते के बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने और सातवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा को सरकारी कर्मचारी वर्ग एक बड़े निर्णय के रूप में देख रहा है। इसके अलावा नई भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने और आवेदन की अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की वृद्धि करने का निर्णय भी लिया गया है।
हालांकि इस एक महीने के भीतर सरकार को कई विवादों का भी सामना करना पड़ा है। अवैध निर्माण हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई है। कई स्थानों पर हॉकरों के हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन हुए हैं। कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से काम कर रहे छोटे व्यापारियों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय और पुनर्वास नहीं दिया जा रहा है।
विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार का शुरुआती रुख अत्यधिक आक्रामक और राजनीतिक रूप से प्रेरित है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के महासचिव मोहम्मद सलीम ने कहा है कि यह वही पैटर्न है जो पहले अन्य सरकारों के शुरुआती दौर में देखा गया था। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि राज्य में विकास की बजाय तोड़फोड़ और हटाने की कार्रवाई ज्यादा दिखाई दे रही है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के एक विद्रोही विधायक अखरुज्जमां ने कहा कि पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
दूसरी ओर, सत्ताधारी भाजपा का कहना है कि राज्य में लंबे समय से जमे भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को खत्म करने के लिए यह सख्ती जरूरी है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा है कि राज्य में कानून का राज स्थापित हो रहा है और जनता को राहत मिल रही है।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


अवैध घुसपैठियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए सख्त कदम-सीएम
दूसरी ओर, सत्ताधारी भाजपा का कहना है कि राज्य में लंबे समय से जमे भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को खत्म करने के लिए यह सख्ती जरूरी है





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News