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चुनाव परिणाम आने के बाद से ही सायनी घोष सार्वजनिक जीवन और पार्टी कार्यक्रमों से पूरी तरह दूर हैं
कोलकाता। तृणमूल की जादवपुर से लोकसभा सांसद सायनी घोष के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। इसी बीच गुरुवार को दिल्ली से कोलकाता लौटते समय हवाई अड्डे पर उनका रहस्यमय अंदाज चर्चा का विषय बन गया। सिर पर टोपी, आंखों पर काला चश्मा और चेहरे पर मास्क लगाकर सायनी घोष नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बाहर निकलीं और मीडिया के कैमरों से बचते हुए तेजी से रवाना हो गईं। उनके इस व्यवहार ने राजनीतिक गलियारों में चल रही उन चर्चाओं को और हवा दे दी है, जिनमें दावा किया जा रहा है कि वह तृणमूल के कथित असंतुष्ट या बागी खेमे के संपर्क में हैं।
चुनाव परिणाम आने के बाद से ही सायनी घोष सार्वजनिक जीवन और पार्टी कार्यक्रमों से पूरी तरह दूर हैं। यहां तक कि जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दिल्ली दौरे पर थे, तब भी सायनी उनके साथ दिखाई नहीं दीं। हाल ही में ममता बनर्जी ने उन्हें युवा तृणमूलके अध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी, इसके बावजूद व्हाट्सएप समूहों से लेकर संगठन के भीतर उनके ठिकाने और राजनीतिक रुख पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि सायनी ने अपने करीबियों से कहा है कि उन्हें अब पार्टी में अपने भविष्य पर भरोसा नहीं रहा। असल में, चुनाव प्रचार के दौरान एक हमले की घटना के बाद अपेक्षित राजनीतिक समर्थन न मिलने और प्रचार कार्यक्रमों में कटौती किए जाने से वह नेतृत्व से नाराज चल रही हैं। राज्यसभा में सुखेंदुशेखर राय, सुष्मिता देव, प्रकाशचिक बराइक और कोयल मल्लिक के ताबड़तोड़ इस्तीफों से तृणमूल पहले ही बैकफुट पर है। ऐसे में सायनी घोष की रहस्यमयी चुप्पी और मीडिया से यह दूरी संकेत दे रही है कि पार्टी के भीतर अभी कोई और बड़ा भूचाल आना बाकी है।